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भोपाल, 6 मार्च (हि.स.)। वन्यप्राणी अवयवों की तस्करी के मामले में दार्जिलंग से गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय टाइगर की जमानत याचिका नर्मदापुरम के अपर सत्र न्यायालय द्वारा निरस्त कर दी गई है। यह जानकारी बुधवार को जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने दी।
उन्होंने बताया कि मप्र स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने फरार अंतरराष्ट्रीय टाइगर तस्कर ताशी शेरपा को दार्जिलिंग से 24 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था। आरोपित एसटीएसएफ के अंतर्गत दर्ज वन्यप्राणी टाइगर और पेंगोलिन के अवयवों का अवैध व्यापार संबंधी प्रकरण में 13 जुलाई 2015 से फरार था। जिस पर न्यायालय द्वारा स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। आरोपित अन्य देशों में लगातार छिप रहा था, जिसे एसटीएसएक द्वारा पकड़ने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे थे।
उक्त आरोपित को विशेष न्यायालय नर्मदापुरम में प्रस्तुत कर जेल भेजा गया था। आरोपित ने अपर सत्र न्यायालय नर्मदापुरम के समक्ष जमानत याचिका दायर की, जिस पर सत्र न्यायालय द्वारा अपराध की गंभीरता प्रकरण के तथ्यों और परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुये जमानत निरस्त कर दी गई।
प्रकरण में पूर्व में 29 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय नर्मदापुरम द्वारा 05-05 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 7 लाख 10 हजार रुपये का अर्थदंड के आदेश पारित किया गया है। प्रकरण में 03 देशों के 07 अंतरराष्ट्रीय तस्कर फरार है।
आरोपित ताशी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले वन्यप्राणियों के अवयवों के अवैध व्यापार गिरोह में महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुये और अधिक जानकारी एकत्रित करने के लिये एसटीएसएफ द्वारा आरोपी की पॉलीग्राफी एवं ब्रेन मेपिंग गुजरात फॉरेन्सिक लैब में कराई जायेगी। इस संबंध में आवश्यक अनुमति माननीय न्यायालय से प्राप्त की जा चुकी है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश