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छतरपुर, 7 मार्च (हि.स.)। हरपालपुर नगर से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित काकुनपुर गांव के रहवासियों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक ऐसी बेटी का कन्यादान किया है, जिसके विवाह पर शादी से दो दिन पहले हुई एक दुर्घटना के कारण संकट आ गया था। परिवार की पीड़ा को समझकर गांव के लोग जातिवाद के बंधन को तोड़कर न केवल बेटी के विवाह में शामिल हुए बल्कि विवाह की सभी रस्मों को पूरा कराने में सहयोग भी किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस बेटी का विवाह गांव वालों ने कराया है उसका नाम सविता बरार है और उसके पिता जागेश्वर बरार का पूर्व में निधन हो चुका है। सविता की विवाह की जिम्मेदारी उठा रहे उसके दादा गोटीराम बरार और तीनों भाई मंडप वाले दिन सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। इस दुर्घटना में सविता के दादा गोटीराम का भी निधन हो गया जबकि उसके तीनों भाई गंभीर रूप से घायल होने के कारण अभी इलाजरत हैं। उक्त विषम परिस्थितियों में सविता के विवाह पर संकट मंडारने लगा था। इसके बाद काकुनपुरा के सरपंच हरप्रसाद अहिरवार की पहल पर गांव के लोगों ने विवाह को संपन्न कराने का जिम्मा उठाया। गांव के लोगों ने बरार परिवार का सहयोग करते हुए विवाह की सभी रस्में पंचायत भवन से पूरी कराईं। खास बात यह रही कि गांव के सरपंच हरप्रसाद अहिरवार के साथ सचिव उदय सिंह गौर, लाखन सिंह, हाकिम सिंह, रामप्रकाश गुप्ता, उपयंत्री लल्लू राय, नफीस खान, रूपसिंह, प्रकाश बाबू सोनकिया सहित गांव में निवासरत हर समाज के लोग जातिवाद के बंधन को तोड़कर इस विवाह में शामिल हुए और बारात के स्वागत से लेकर विदाई तक हर काम में परिवार का सहयोग किया। इतना ही नहीं गांव के लोगों ने सविता को उपहार स्वरूप घर गृहस्थी का सामन और नगद पैसे भेंट किए।
हिन्दुस्थान समाचार/सौरभ भटनागर