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गुवाहाटी, 25 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि राहुल गांधी बटद्रवा थान जाना ही नहीं चाहते थे। अयोध्या के राममंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दिन 3 बजे के बाद उन्हें बटद्रवा थान जाने की अनुमति दी गई थी, तो दोपहर बाद राहुल गांधी वहां क्यों नहीं गए। उन्होंने कहा कि मंदिर में जाने का कोई समय नहीं होता है।
मुख्यमंत्री डॉ सरमा गुरुवार को राजधानी दिसपुर के लोक सेवा भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी ऊपरी असम के शिवसागर जिले से होकर गुजरे, लेकिन चराईदेव मैदाम का दर्शन करने नहीं पहुंचे। वे जोरहाट होकर गुजरे, लेकिन 200 मीटर की दूरी पर स्थित लचित बरफूकन की समाधि लचित मैदाम के दर्शन करने नहीं पहुंचे। वे गुवाहाटी शहर से गुजरे लेकिन दर्शन के लिए मां कामाख्या मंदिर नहीं गए। डॉ. भूपेन हजारिका समाधि क्षेत्र के सामने से गुजरे, लेकिन भारत रत्न डॉक्टर भूपेन हजारिका की समाधि पर नहीं गए। राहुल गांधी हाजो गए, लेकिन वहां हिंदू और मुसलमान दोनों की आस्था के विश्व प्रसिद्ध पवित्र स्थल श्रीश्री हयग्रीव माधव मंदिर नहीं गए। वहीं, हाजो में स्थित प्रसिद्ध पोवा मक्का दरगाह सरीफ पर माथा टेकने नहीं गए। बरपेटा होकर गुजरे, लेकिन बरपेटा सत्र जैसी जगहों पर कमसे कम उन्हें जाना चाहिए था।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले नगांव में कार्यक्रम केवल मीडिया का ध्यान आकर्षित करने और राज्य में अस्थिरता पैदा करने के लिए किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने कहा, “अगर राहुल गांधी वास्तव में महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की प्रशंसा करते हैं, तो वह बरपेटा सत्र थान का दौरा कर सकते थे, जिसे शंकरदेव ने बनाया था। उन्होंने एक क्षण भी रुककर जालुकबारी में डॉ. भूपेन हजारिका समाधि क्षेत्र पर श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी? यदि वह वास्तव में हिंदू संस्कृति की प्रशंसा करते हैं, तो वे गुवाहाटी के नीलाचल पहाड़ पर मां कामाख्या मंदिर के दर्शन क्यों नहीं किए? मुख्यमंत्री धुबड़ी में जाकर ठहरे, लेकिन विश्व प्रसिद्ध धुबड़ी साहब गुरुद्वारा में नहीं गए। कांग्रेस पार्टी का प्राथमिक लक्ष्य अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के जरिए असम में अशांति पैदा करना था।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उन्हें लोकसभा चुनाव के बाद गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम इस समय राहुल गांधी को गिरफ्तार नहीं करेंगे, क्योंकि कुछ लोग इसे एक राजनीतिक कदम कहेंगे। मामला दर्ज कर लिया गया है। गुवाहाटी के मामले को सीआईडी की एक विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच कर रही है। हमारे पास यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि कैसे राहुल गांधी और उनकी ब्रिगेड ने पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़कर पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए भीड़ को उकसाया। उन्होंने शहर में अराजकता पैदा करने का प्रयास किया, लेकिन हम स्थिति को नियंत्रित करने में सफल रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खानापाड़ा में राहुल गांधी के साथ मिलकर जो लोग पुलिस बेरिकेडिंग को उखाड़ कर फेंक रहे थे और पुलिस पर हमले कर रहे थे, उनमें बोको, छयगांव, चमरिया आदि स्थानों से आए हुए एक विशेष समुदाय के लोग शामिल थे। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को भाजपा के लिए एक एसेट करार देते हुए कहा कि लोगों को आलू से सोना बनाने और स्टोव में कोयला डालने की रोचक जानकारी मिल रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश/अरविंद/सुनील