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जयपुर, 6 मार्च (हि.स.)। पेपर लीक मामले में फर्जी तरीकों से पास अभ्यर्थियों पर पहली बार स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने कार्रवाई की है। एसओजी ने पेपर लीक से पास (पंद्रह प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टरों को आरपीए सहित अन्य जगहों से दबोचा है। आगामी समय में अब एसओजी का टारगेट पेपर लीक के माध्यम से अन्य परीक्षाओं में पास हुए अभ्यर्थियों पर कार्रवाई करना है। इनमें थर्ड और सेकंड ग्रेड टीचर, आरएएस, जेईएन, ग्रेड तृतीय लाइब्रेरियन सहित कुछ अन्य परीक्षाएं शामिल है। फिलहाल पुलिस पेपर लीक मामले में पकड़े गए मास्टर माइंट सहित अन्य लोगों से पूछताछ कर इनकी जानकारी जुटा रही है। आवश्यक जानकारी मिलने के बाद एसओजी पेपर लीक में पास अन्य अभ्यर्थियों पर एक्शन लेंगी।
गौरतलब है कि राजस्थान में 2019 के बाद से हर वर्ष औसतन 3 पेपर लीक हुए हैं। इससे लगभग 40 लाख विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं। पेपर लीक होने के मामले की एक जांच के दौरान पुलिस को मिला कि लीक हुए पेपर्स लगभग 5 से 15 लाख रुपए में बिके हैं। राजस्थान में 2011 से 2022 के दरमियान पेपर लीक के करीब छब्बीस केस दर्ज किए गए हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसओजी-एटीएस वीके सिंह ने बताया कि पेपर लीक के माध्यम से पास हुए एसआई अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की गई है। फिलहाल एसआई के अन्य पास कंडिडेट्स भी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पेपर लीक से अन्य परीक्षाओं में पास हुए कंडिडेट्स की कुंडली खंगाली जाएगी। पेपर लीक गिरोह से जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है। वैसे-वैसे कार्रवाई का दौर आगे बढ़ता जा रहा है। आरपीए में ट्रेनिंग ले रहे 670 प्रशिक्षु एसआई में से करीब 25 फर्जी तरीके से परीक्षा में पास होने की जानकारी मिली थी, इनमें से 15 पर ही फिलहाल कार्रवाई की गई है। डालूराम और पेपर लीक के मास्टरमाइंड जगदीश विश्नोई से मिले इनपुट के बाद एसओजी ने कार्रवाई की है। एसओजी पेपर लीक मामले में जगदीश विश्नाई सहित करीब 32 लोगों को पकड़ चुकी है। इन सभी से लगातार अलग-अलग पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश/संदीप