[ad_1]
गुवाहाटी (असम), 11 मार्च (हि.स.)। केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू किए जाने को लेकर कांग्रेस द्वारा तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। जहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आज इस बाबत धरना दिया गया। वहीं, पार्टी के नेताओं ने इसके विरुद्ध जमकर बयानबाजी की।
इस संदर्भ में एक बयान के जरिए असम विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता देवब्रत सैकिया ने कहा कि आज भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने असम और असमिया लोगों के हितों के खिलाफ नागरिकता संशोधन कानून सीएए लागू किया है। जबकि, असम के लोग लंबे समय से इस कानून के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, बावजूद इसके आज सरकार ने भाजपा के राजनीतिक लाभ के लिए हम सभी पर यह कानून थोपा है।
ज्ञात हो कि राज्य के विपक्षी दलों द्वारा इस कानून के विरोध में लगातार आवाज उठाए जा रहा है। एआईयूडीएफ पहले से ही इस कानून का विरोध कर रही है। वहीं, असम छात्र संघ (आसू) द्वारा इसको लेकर बीते कई दिनों से राज्य के अलग-अलग जिलों में धरना दिया जा रहा है। वहीं, ऑल असम युवा छात्र परिषद (अजायुछाप) द्वारा भी इस कानून के विरोध में बाइक रैली तथा अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा लगातार कहते रहे हैं कि इस कानून को लेकर जिसे आपत्ति है उसे उच्चतम् न्यायालय में जाकर इसको चुनौती देनी चाहिए, न कि सड़कों पर आंदोलन करके राज्य में जारी विकास कार्यों को बाधित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा बंद आयोजित करने की मनाही है। फिर भी यदि बंद का आयोजन विपक्षी दलों द्वारा किया जाता है तो वे चुनाव आयोग को लिखेंगे कि इन राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द कर दी जाए। देखना यह है कि इस कानून के लागू हो जाने के बाद राज्य की राजनीति क्या रुख अख्तियार करती है।
हिन्दुस्थान समाचार /श्रीप्रकाश/अरविंद