Warning: Undefined array key "mode" in /home/azaannews/public_html/wp-content/plugins/sitespeaker-widget/sitespeaker.php on line 13
[ad_1]

जींद, 8 फ़रवरी (हि.स.)। लघु सचिवालय के बाहर महेंद्र हंस व श्री श्याम गऊ सेवा समिति के संस्थापक जगतानंद महाराज का अनशन 18वें दिन भी जारी रहा। गुरुवार देर शाम को जींद में दुर्घटना में मृत गाय को लेकर धरना स्थल पर लाया गया।गोभक्तों ने चेताया कि जब तक उनकी मांग को नही माना जाता तब तक उनका अनशन समाप्त नही होगा। धरने पर वीरवार को जयति-जयति हिंदू महान संगठन के संयोजक अतुल चौहान पहुंचे और धरनारत गोभक्तों की हौंसलाअफजाई की।
अतुल चौहान ने कहा कि धड़ौली गोशाला में गो पर हुआ अत्याचार किसी से छिपा नहीं है। बावजूद इसके प्रशासन कोई कार्रवाई नही कर रहा है। गौमाता के लिए ही दो गोभक्त अनशन पर बैठे हैं और लगातार 18 दिनों से धरना दिया जा रहा है लेकिन न तो सरकार कोई कार्रवाई कर रही है और न ही प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है। महेंद्र हंस व श्री श्याम गऊ सेवा समिति के संस्थापक जगतानंद महाराज, सुमित लाठर ने मांग की कि प्रदेश की गोचर भूमि को कब्जामुक्त करवाया जाए। गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाए।
गौशालाओं से हडवारे खत्म किए जाएं। नंदीशालाओं में और गौशालाओं में अमेरिकन सांडों को अलग किया जाए। इनके लिए अलग से व्यवस्था की जाए। सरकार द्वारा एक कमेटी बनाई जाए जिसमें हर महीने गौशालाओं का निरीक्षण किया जाए कि उनको देखभाल ठीक से हो रही है या नही। शहर में जो भी गोवंश किसी भी दुर्घटनावश मार रहा है तो उनको मिट्टी देने के लिए जगह दी जाए और जेसीबी का इंतजाम किया जाए। गौशालाओं में देखरेख की व्यवस्था उचित हो और प्रति गाय और प्रति नंदी की एक डाइट के हिसाब से पैसे दिए जाएं। कोई भी गोवंश दुर्घटनाग्रस्त हो तो उसके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा एक टोल फ्री नंबर भी दिया जाए। जिस पर कोई भी व्यक्ति संपर्क कर गोवंश के दुर्घटनाग्रसत या मृत होने की जानकारी दे सके।
हिन्दुस्थान समाचार/ विजेंद्र/संजीव