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गुवाहाटी, 25 जनवरी (हि.स.)। डिमापुर-कोहिमा नई ब्रॉड गेज लाइन कनेक्टिविटी परियोजना को पूरा करने की दिशा में एक और बड़े कदम के तहत पूर्वोत्तर सीमा रेल (पूसीरे) ने हाल ही में परियोजना के दूसरे चरण में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मोलवोम- फेरिमा स्टेशन के बीच टनल संख्या 4, जिसकी लंबाई 151 मीटर कट और कवर सहित 1319 मीटर है, 24 जनवरी को पूरा किया गया। परियोजना के द्वितीय चरण की यह दूसरी सबसे लंबी टनल है। कोहिमा को भारतीय रेल नेटवर्क के माध्यम से देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने की दिशा में इस उपलब्धि को एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पूसीरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे ने आज टनल का निर्माण पोर्टल-1 साइड से 10 मार्च, 2021 को शुरू किया गया था। पोर्टल-2 से यह कार्य 23 जनवरी, 2023 को प्रारंभ हुआ। टनल के अंदर कुछ स्थानों पर चट्टानों की परत का सामना पानी के रिसाव के साथ-साथ मुख्य रूप से शेल और अत्यधिक प्रतिकूल प्रकृति से होता है। सुरंग के निर्माण के लिए रेलवे को भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा क्योंकि अप्रैल, 2022 से निरंतर बारिश हो रही थी और सुरंग संख्या 4 में मिट्टी की गुणवत्ता बेहद खराब हो गयी थी, जिसके कारण पोर्टल-2 पर दबाव और फिसलन होने से कार्य में प्रगति प्रभावित हुई थी। समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और स्वतंत्र सलाहकार से मार्गदर्शन मांगा गया था।
भूमिगत उत्खनन का औसत दर 41.25 मीटर प्रति माह है। भूमिगत उत्खनन कार्य का निष्पादन न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) का उपयोग कर और टनल की शुरूआत से चौबीसों घंटे 210 जनशक्ति को तैनात कर किया गया है। टनल की अंतिम सफलता के साथ, 1168 मीटर का भूमिगत उत्खनन पूरा हो चुकी है। टनल की अंतिम लाइनिंग मई में पूरा करने का लक्ष्य है।
भारतीय रेल कई नई रेलवे लाइन परियोजनाओं को क्रियान्वित करके पूर्वोत्तर राज्यों के परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों को जोड़ने के लिए नई रेल लाइनों का निर्माण राजधानी कनेक्टिविटी परियोजनाओं के तहत चल रहा है और नगालैंड में डिमापुर से कोहिमा तक एक नई ब्रॉड गेज रेल लाइन का निर्माण ऐसी ही एक परियोजना है। परियोजना की कुल लंबाई 82.5 किमी (असम में 2.75 किमी और नगालैंड में 79.75 किमी) है, जिसमें 08 नए स्टेशन अर्थात् धनसिरी, धनसिरीपार, शोखुवी, मोलवोम, फेरिमा, पिफेमा, मेंगुजुमा और जुब्जा है। इस परियोजना में 24 बड़े पुल, 156 छोटे पुल, 06 रोड ओवर ब्रिज, 15 रोड अंडर ब्रिज और 31 किमी मार्ग में 21 सुरंगें शामिल हैं। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 6,663 करोड़ रुपये है।
इस नई रेल कनेक्टिविटी परियोजना पूर्ण होने पर देश के अन्य हिस्सों से काफी कम दरों पर इस पहाड़ी राज्य में खाद्यान्न, ऑटोमोबाइल और अन्य बुनियादी ढांचे और निर्माण वस्तुओं के परिवहन में भी मदद मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ होगा। राज्य की अर्थव्यवस्था को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।
हिन्दुस्थान समाचार/श्रीप्रकाश/अरविंद