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– गुरु रविदास ने मानव धर्म को सबसे बड़ा धर्म बताया
यमुनानगर, 24 फरवरी (हि.स.)। संत शिरोमणी गुरु रविदास की 647वीं जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को जगाधरी विधानसभा क्षेत्र में कई जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। हरियाणा के स्कूल शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने गांव तेली माजरा,चगनौली, महमूदपुर,शहर के गढ़ी मुंडो की टपरिया, मटका चौंक और अशोक विहार के कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पहुंचकर गुरु रविदास मंदिर में माथा टेक आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री कंवर पाल ने सभी कार्यक्रमों के आयोजकों और देश और प्रदेश वासियों को गुरु रविदास जयंती की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की भूमि संतो महापुरुषों की भूमि रही है। गुरु रविदास ने भी समाज को एकता का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि संतों को किसी धर्म और जाति की सीमाओं में सीमित रखना न्यायोचित नहीं है क्योंकि संत सभी के सांझे होते हैं और संतों ने समाज व देश को हमेशा सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। गुरु रविदास की शिक्षाएं वर्तमान में प्रासंगिक है इनके आदर्श और विचार पूर्ण मानव समाज के हित में कल्याणकारी है। गुरु रविदास ने मानव धर्म को सबसे बड़ा धर्म बताया है। हम सभी को जातिवादी का भेदभाव नहीं करना चाहिए और कमजोर वर्ग के उत्थान को ही अपना धर्म समझना चाहिए। गुरु रविदास ने सैकड़ों वर्ष पहले कमजोर, दलित व महिलाओं को सम्मान देने की बात अपनी वाणी के माध्यम से समाज के समक्ष रखी है। उनकी वाणी सदियों तक याद रखी जाएगी। इस मौके पर भाजपा के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी,सभी कार्यक्रमों के आयोजक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/अवतार/संजीव