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जयपुर, 15 मार्च (हि.स.)। पेपर लीक मामले में एक के बाद एक परत खुल रही है। पिछले पांच से एसओजी को पेपर लीक की जानकारी होने के बाद भी वह चुप रही। इसके पीछे सरकारी इशारे को माना जा रहा है। पेपर लीक मामलों में आरपीएससी सहित अन्य भर्ती परिक्षाओं से जुडी संस्थाएं अब एसओजी की जांच के दायरे में आ चुकी है। इस पेपर लीक मामलों में अभी तक एसओजी की पकड़ से मगरमच्छ दूर है। हाल ही ईडी और एनआईए भी भर्ती परीक्षााओं से जुड़े अधिकारियों पर कार्रवाई कर चुकी है। पेपर लीक में आरपीएससी के चेयरमैन, सदस्य और नेता या अन्य लोगों का शामिल होना भी कई बार सामने आ चुका है, लेकिन अभी तक बड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई।
एसओजी की रिमांड पर चल रहे पेपर लीक के मास्टरमाइंड जगदीश विश्नोई ने बताया है कि उसे खुद नहीं पता कि वह आज तक कितने पेपर लीक कर चुका है। इन पेपर से पास हुए कितने लोग सरकारी सेवा में नौकरी कर रहे हैं। जगदीश विश्नोई पहले भी 12 से ज्यादा बार पेपर लीक में गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन 2-3 महीने में जेल से बाहर निकल जाता था। अब एसओजी जगदीश को हर दर्ज मुकदमे में गिरफ्तार कर रिमांड पर ले रही है। जगदीश के खिलाफ आज तक दर्ज मुकदमों को जोड़कर फाइलों पर दोबारा से जांच हो रही है। इससे पता चल सके कि उसके सिंडिकेट में कौन लोग थे, जो पेपर लीक में सहयोगी थे। एसओजी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जिला पुलिस से भी एसओजी इस समय जांच के लिए मदद मांग रही है।
एसओजी अधिकारियों ने पिछले 5 साल नहीं लिया एक्शन
एसआई भर्ती परीक्षा 2021, जेईएन भर्ती परीक्षा, रीट, कोविड स्वास्थ्य सहायक (सीएचए), कॉन्स्टेबल, जेल प्रहरी, एसआई भर्ती परीक्षा 2014 में पेपर लीक कर और डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी लेने वालों की जानकारी एसओजी के पास थी। लेकिन एसओजी ने पिछले 5 साल में इस विषय को लेकर कोई एक्शन नहीं लिया। एसओजी के पास एफआईआर के साथ-साथ अपराध करने वाले लोगों की जानकारी थी। एसओजी ने इस विषय को छुआ तक नहीं। अब एडीजी एसओजी वीके सिंह ने जेईएन भर्ती परीक्षा के आरोपियों से लेकर एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि रीट पेपर लीक मामले में भी जांच के लिए एसओजी की एसआईटी एक महीने पहले शिक्षा संकुल पहुंची थी। दस्तावेज खंगाले थे। इस दौरान एडिशनल एसपी बजरंग सिंह ने कहा था कि जांच में कई कमियां रखी गई हैं। इन कमियों को देखते हुए टीम को दोबारा आना पड़ा। पूर्व में हुई जांच में कई सबूतों पर काम नहीं किया गया, जबकि काम होना चाहिए था।
एसओजी ने भरतपुर एसपी ऑफिस में तैनात 2014 बैच के एसआई जगदीश सियाग को भी गिरफ्तार किया गया है। जगदीश ने एसआई भर्ती-2014 का पेपर 10 लाख रुपए में खरीदा था। 2014 में पेपर लेकर परीक्षा पास की थी। उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे, जिन्होंने इस परीक्षा को पास करने के लिए पैसा दिया था। वह पिछले 10 साल में कई लोगों को पेपर देकर पास करवा चुका हैं। इनमें भगवती देवी और इंदूबाला भी शामिल थीं। वह जानता था कि भगवती देवी और इंदूबाला पेपर मिलने के बाद भी उसे पढ़कर एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पास नहीं कर सकती है, इसलिए उसने वर्षा को भगवती और इंदूबाला की जगह पेपर देने के लिए तैयार किया। वर्षा जोधपुर में लेक्चरर थी। वर्षा ने पेपर में बैठने के लिए 15-15 लाख रुपए लिए थे।
एडीजी एसओजी वीके सिंह ने बताया कि जगदीश विश्नोई से पेपर लीक में कई अहम जानकारी मिली है। इन जानकारियों और उसके खिलाफ दर्ज केसों पर काम किया जा रहा है। भरतपुर एसपी ऑफिस में तैनात एसआई जगदीश सियाग ने पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारी साझा की है। उससे मिली जानकारी की पुष्टि की जा रही है। पेपर लीक मामले में आने वाले समय में बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश मीणा/ईश्वर