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कोलकाता, 08 फरवरी (हि.स.)। सामाजिक परियोजनाओं के लिए धन का आवंटन बढ़ाने सहित कई अवसरों के साथ गुरुवार को चालू वित्तीय वर्ष का राज्य बजट (पश्चिम बंगाल बजट 2024) पेश किया गया। इस बजट में विभिन्न जनोन्मुखी योजनाओं की बात कही गई है। लेकिन राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इस बजट को ”दिशाहीन” और ”लोकसभा चुनाव का प्रचार” बताते हुए हमला बोला। उन्होंने बजट में कई त्रुटियां निकालीं। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि इस बजट में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक शनिवार को बजट के विरोध में अपनी बात रखना चाहते हैं।
गुरुवार को बजट सत्र की शुरुआत में ही सदन गरमा गया। राज्यगीत गाने के दौरान भाजपा विधायकों ने खड़े होकर राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया। इसके बाद जैसे ही वित्त राज्यमंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बजट पढ़ना शुरू किया तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। वे तरह-तरह से बाधा देने की कोशिश करते रहे। अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद विपक्षी विधायक नहीं रुके। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपना आपा खो बैठीं। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल विरोधी है। वे बंगाल का भला नहीं चाहते।
इन सबके बाद वित्त मंत्री ने बजट पेश किया। इसके ख़त्म होते ही विपक्षी नेता ने विधानसभा के एक निश्चित कमरे में प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू कर दी। ”लक्ष्मी भंडार” परियोजना के आवंटन में बढ़ोतरी पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने आम महिलाओं और जनजातीय महिलाओं के लिए इस योजना के लिए पैसे की जो घोषणा की थी, उसे बजट में लागू नहीं किया गया। सामान्य महिलाओं को जितना मिलेगा, पिछड़े वर्ग के लिए यह आंकड़ा दोगुनी होनी चाहिए थी। लेकिन बजट घोषणा के मुताबिक सामान्य वर्ग की महिलाओं को ”लक्ष्मी भंडार” योजना के तहत एक हजार मिलेंगे और अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए यह 12 सौ रुपये। यानी दोनों के बीच का अंतर सिर्फ केवल दो सौ का है। इसी बात पर शुभेंदु अधिकारी ने आपत्ति जताई। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह बजट वोट से पहले डर की वजह से पेश किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार /धनंजय /गंगा