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नई दिल्ली, 07 मार्च (हि.स.)। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बीते फरवरी माह में खोए हुए बच्चों को बचाने के लिए ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत 521 से अधिक बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ये बच्चे विभिन्न कारणों से अपने परिवारों से बिछड़ गए थे।
रेल मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि रेलवे संपत्ति, पैसेंजर एरिया और यात्रियों की भलाई की सुरक्षा के लिए आरपीएफ प्रतिबद्ध है। आरपीएफ ने महिला यात्रियों को सशक्त करने के लिए मेरी सहेली पहल के तहत 10,659 ट्रेनों में 2.73 लाख महिला यात्रियों को सुरक्षा आश्वासन प्रदान किया। आरपीएफ ने महिला यात्रियों के लिए आरक्षित कोचों में यात्रा करते पाए गए 7357 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की।
आरपीएफ ने ऑपरेशन नारकोस के जरिए नशीली दवाओं से जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाते हुए फरवरी के महीने में 86 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और नशीले पदार्थों को जब्त किया, जिनकी कीमत 3.41 करोड़ रुपये है। इन अपराधियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सशक्त सरकारी एजेंसियों को सौंप दिया गया।
आरपीएफ ने ऑपरेशन अमानत के तहत ट्रेन में चढ़ने या स्टेशन छोड़ने की जल्दी में अपना सारा सामान ले जाना भूल गये यात्रियों का सामान सुरक्षित रखने और उन्हें सही मालिक तक पहुंचाने में मदद की। इस ऑपरेशन के तहत, आरपीएफ ने लगभग 5.69 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सामान बरामद किया।
हिन्दुस्थान समाचार/सुशील/आकाश