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बड़वानी, 9 जनवरी (हि.स.)। जिला न्यायालय में पदस्थ विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) सारिका गिरी शर्मा की अदालत द्वारा पारित अपने फैसले में शादी का झांसा देकर नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपित को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा दण्डित किया है। मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी दुष्यंतसिंह रावत ने की गई।
अभियोजन मीडिया प्रभारी कीर्ति चौहान ने मंगलवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना 12 जुलाई 2023 की है। इस दिन फरियादी और उसके परिवार वाले खाना खाकर रात करीब 10 बजे सो गये थे। फरियादी की नाबालिग लड़की उसके बिस्तर पर सो गई थी। फरियादी पिता रात करीब 11.30 बजे जगा तो देखा कि लड़की उसके बिस्तर पर नहीं थी। फिर फरियादी और उसके परिवार वालों ने उसकी आसपास एवं रिश्तेदारों में तलाश की और कहीं से पता नहीं चलने पर उक्त घटना की रिपोर्ट थाने पर दर्ज करवायी। पुलिस ने अनुसंधान के दौरान आरोपित करण पुत्र कैलाश जमरे निवासी इंद्रपुर खेड़ा ग्राम इंद्रपुर थाना राजपुर को गिरफ्तार किया और उसके बाद से नाबालिग किशोरी को दस्तयाब किया, तब ज्ञात हुआ कि आरोपित पीड़ित नाबालिग से दिन में मिला था और उससे उसने शादी करने की इच्छा प्रकट की थी। आरोपित घटना की रात्रि को पूर्वयोजनानुसार अभियोक्त्री को राजपुर ले गया और अभियोक्त्री को किसी कमरे में रखा और अभियोक्त्री की मर्जी के विरूद्ध उसके साथ बार-बार गलत काम (दुष्कर्म) किया। पुलिस ने प्रकरण की विवेचना पूर्ण कर न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।
विशेष न्यायाधीश सारिका गिरी शर्मा ने आरोपित करण पुत्र कैलाश जमरे निवासी इंद्रपुर खेड़ा ग्राम इंद्रपुर थाना राजपुर को धारा 376(3) भादवि 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 भादवि में 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5 सौ रुपये अर्थदंड एवं धारा 506 भादवि के तहत 01 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5 सौ रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश
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