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– भगवान राम सत्ता से परे, इसे पार्टी की लड़ाई न बनाइये, उत्सव मनाइये
लखनऊ, 19 जनवरी (हि.स.)। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित होने अयोध्या के लिए निकलीं साध्वी ऋतम्भरा ने शुक्रवार को लखनऊ में कहा कि राम मन्दिर की लड़ाई भाजपा-सपा और कांग्रेस आदि की लड़ाई नहीं है। भगवान राम सत्ता से परे हैं और यह लड़ाई राम की नहीं, अपितु हमारी आस्था की लड़ाई थी। यह भारतीय समाज द्वारा अपने आराध्य के लिए पांच सौ वर्ष तक किया गया संघर्ष है। इसे पार्टी की लड़ाई न बनाइये उत्सव मनाइये।
लखनऊ में विधायक डा. नीरज बोरा के आवास पर रुकीं साध्वी का अयोध्या प्रस्थान के पूर्व ढोल, नगाड़े, पुष्प वर्षा और आतिशबाजी के साथ मड़ियांव, पुरनिया, कपूरथला सहित नगर में विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया।
सरकार ने उड़ाई कानून की धज्जियां, हमने निभाई हिन्दू स्वाभिमान के सचेतक की भूमिका
सीतापुर रोड स्थित सेवा अस्पताल परिसर में साध्वी ऋतम्भरा ने अपने स्वागत में एकत्र हुए लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि राम आधार हैं और इतने बड़े संघर्ष के सागर को पार करने की नौका हैं। हमने कुछ नहीं किया, केवल हिन्दू स्वाभिमान के सचेतक की भूमिका निभाई। साध्वी ने कहा कि उस समय तत्कालीन सरकार ने कीर्तन करते निहत्थे कारसेवकों पर गोली चलाकर संविधान और कानून की धज्जियां उड़ाई थी। हम लोगों ने मन्दिर के लिए आन्दोलन किया, कष्ट झेले, आरोपी बने, जहर पिया।
भारतीय परम्परा और उसकी जड़ों को सींचकर ही होनी चाहिए राजनीति
साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि भारत की मूल प्रकृति में राम और कृष्ण हैं। भारत की परम्परा और उसकी जड़ों को सींचकर ही राजनीति होनी चाहिए, क्योंकि राजनीति सत्य को स्थापित करने का साधन है। इस अनुष्ठान को पूरा करने के लिए सन्तान भाव होना जरुरी है।
हिन्दुस्थान समाचार/कमलेश्वर शरण/राजेश