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अयोध्या, 24 जनवरी (हि.स.)। श्रीराम जन्मभूमि पर विराजे श्रीरामलला का परिसर अब 135 प्रकार के वृक्ष, झाड़ियों और फूलों की प्रजातियों से लहलहाएगा और अपनी खुशबू बिखेरेगा। मंदिर परिसर को हरियाली से सजाने के लिए 80 से अधिक वृक्ष प्रजातियों और 35 से अधिक झाड़ियों और फूलों की प्रजातियों को चुना गया है। यह जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी गई।
ट्रस्ट से जुड़े अधिकारी ने बताया कि रामायण में उल्लिखित प्रजातियों के साथ-साथ सरयू नदी के पारिस्थितिकी तंत्र की अन्य स्वदेशी प्रजातियों के साथ, रंगों, सुगंधों और बनावटों का एक सामंजस्यपूर्ण मिश्रण तैयार किया गया है। जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को गले लगाते हुए प्राचीन परंपराओं को श्रद्धांजलि भी देगा।
उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व के किसी भी स्थल की परिदृश्य और हरियाली लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। उसकी सुंदरता, शांति और आकर्षण को बढ़ाने में काफी मदद करती है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के ऐतिहासिक स्थल की सुंदरता भी इसके परिसर में योजनाबद्ध और कार्यान्वित किए जा रहे परिदृश्य कार्यों से काफी बढ़ने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि यह कार्य जीएमआर समूह को दिया गया है। इस समूह की उत्कृष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ ही अटूट श्रद्धा है। अपनी सीएसआर शाखा, जीएमआर वर-लक्ष्मी फाउंडेशन के माध्यम से एक धर्मार्थ पहल के रूप में श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में हरियाली विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सावधानीपूर्वक योजना और टिकाऊ प्रथाओं के उपयोग के माध्यम से, हरियाली और वृक्षारोपण गतिविधियों को इस तरह से किया जा रहा है, जिससे मंदिर परिसर के भीतर तीर्थयात्रियों के समग्र अनुभव में वृद्धि हो सके।
उन्होंने बताया कि किसी भी भूदृश्य डिज़ाइन का हृदय उसकी वनस्पतियों के सावधानीपूर्वक चयन में निहित है। इसमें मूल प्रजातियों को निर्बाध रूप से एकीकृत करने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्र ऐतिहासिक महत्व के इस स्थान के उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार कर रहा था, जो 22 जनवरी को पूरा हुआ। अब भव्य राम मंदिर परिसर अपनी खूबसूरती के लिए भी जाना जायेगा। इसके लिए कार्य शुरू हो चुका है। यह हरियाली भारत की सांस्कृतिक समृद्धि, आध्यात्मिकता और वास्तुकला प्रतिभा का एक स्थायी प्रतीक भी बनेगी।
हिन्दुस्थान समाचार/पवन पाण्डेय
/राजेश