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– आडवाणी की गिरफ्तारी की खबर मिलते उतर पड़े थे सड़क पर, बाजार हो गए थे बंद
गाजियाबाद,19 जनवरी (हि.स.)। आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण होने के बाद करोड़ों रामभक्तों का सपना साकार होगा। लेकिन अनेक रामभक्त ऐसे भी थे जो सपना देखते-देखते इस दुनिया से चले गए। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी ऐसे ही रामभक्त थे लाला बुद्धप्रकाश गर्ग। जो अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन वह ऐसे राम भक्त थे जो 23 अक्टूबर 1990 को भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी की बिहार राज्य में गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद सड़क पर उतर आए थे और गाजियाबाद में उन्होंने सबसे पहली गिरफ्तारी दी थी। शहर के लोग आज भी उनके इस जज्बे को सलाम करते हैं।
राम जन्म भूमि आंदोलन में दिल्ली से सटी गाजियाबाद में दादा बुद्ध प्रकाश द्वारा सबसे पहले गिरफ्तारी दी गई थी। उनके सुपुत्र लाला वेदप्रकाश गर्ग खादी वाले बताते हैं कि जैसे ही बिहार में भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी की गिरफ्तारी की जानकारी पिता को मिली वह सड़क पर निकल गए। इसके बाद बाजार बंद करते हुए वह घंटाघर पहुंच गए। वहां पर हजारों की संख्या में अन्य लोग भी इकट्ठे हो गए। मंजर यह था कि जिसको भी आडवाणी की गिरफ्तारी की खबर मिली वह अपनी दुकान बंद करके सीधा घंटाघर पहुंच गया। हजारों की संख्या में एकत्र लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सबसे पहले पिता बुद्ध प्रकाश गर्ग के नेतृत्व में गिरफ्तारी दी गई। उनकी गिरफ्तारी तत्काल एसपी सिटी बीबी बक्शी व पुलिस क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह ने की।
गिरफ्तार किए गए सभी कार्यकर्ताओं को पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां से उन्हें सहारनपुर की सेंट्रल जेल में भेज दिया गया। हालांकि बाद में करीब दो सप्ताह बाद सभी को रिहा कर दिया गया था, लेकिन राम मंदिर आंदोलन के चलते पूरा गाजियाबाद बंद हो गया था। आज इस दुनिया में पिता लाला बुद्ध प्रकाश गर्ग नहीं है लेकिन उनके चाहने वालों की कमी नहीं है। वह एक जुझारु व्यक्तित्व के स्वामी थे। उस समय भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय परिषद के सदस्य थे। वर्ष 1998 में उनका देहांत हो गया था। उनके बेटे लाला वेद प्रकाश गर्ग ने बताया कि हाल ही में उनके के स्थान पर मुझे सम्मानित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार/फरमान अली/मोहित