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-सबके हैं राम, कण-कण में हैं राम : श्री महंत हरि गिरि
अयोध्या, 20 जनवरी (हि.स.)। भगवान राम सबके हैं, और वह कण-कण के हैं। उनको किसी मत-पंथ-संप्रदाय में नहीं बांटा जा सकता है। ये बातें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री व पंच दशनामी जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि ने शनिवार को यहां कही।
श्रीमहंत हरि गिरि आज उत्तराखंड के तीर्थों का 11 हजार लीटर जल 51 कुंडों में लेकर अयोध्या पहुंचे कलश यात्रा के स्वागत के मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी के नेतृत्व यह कलश यात्रा यहां सरयू तट होते हुए जूना अखाड़े के राम पौड़ी तुलसी घाट स्थित अवध दत्त अखाड़ा पहुंची।
इस अवसर पर काशी सुमेरू पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरी, जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरि, जूना अखाड़े के प्रवक्ता व दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरी, उपाध्यक्ष श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती महाराज, हिमालय पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर वीरेंद्र आनंद गिरी एवं महंत आशुतोष गिरि सहित कई संत व श्रद्धालु उपस्थित रहे। संतों ने मंत्रोच्चारण के मध्य पवित्र कलशों की वैदिक परंपरा से पूजा अर्चना कर उन्हें जूना अखाड़ा के अवध दत्त आश्रम स्थित दत्तात्रेय की चरण पादुका पर स्थापित किया।
महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि इन कलशों में गंगोत्री, यमुनोत्री और पवित्र सरयू नदी के उद्गम स्थल बागेश्वर व उत्तराखंड के नदियों मंदाकिनी आदि से लाए गए जल से पूरित पवित्र कलश सम्मिलित हैं। उन्होंने बताया कि कलशों में रखे पवित्र जल से श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा के मांगलिक कार्य सम्पन्न होंगे।
श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया कि वैदिक परंपरा के अनुसार किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में तीर्थों से लाए गए पवित्र जल से अभिषेक किया जाता है। उन्होंने बताया कि रविवार को अवध दत्त अखाड़ा से शुभ मुहूर्त में पवित्र कलशों की पूजा अर्चना कर रामलला के अभिषेक के लिए राम जन्मभूमि मंदिर ले जाया जाएगा।
जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरि ने कहा जूना अखाड़े की पूरे देश में सभी मठों, मंदिरों व आश्रमों में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह धूमधाम से मनाया जाएगा। सभी मठों मंदिरों को फूलों, दीपों, रंगबिरंगी रोशनियों से सजाया जाएगा। यह उत्सव 25 जनवरी तक चलते रहेंगे। अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरी ने कहा कि भगवान राम के दर्शन वही कर सकता है जिसे स्वयं भगवान राम ने बुलाया हो।
हिन्दुस्थान समाचार /पीएन द्विवेदी