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-ऐतिहासिक आईएम-1 चंद्र लैंडिंग के द्वारा बीएपीएस संस्था के गुरु प्रमुखस्वामी महाराज का मानवता को समर्पित संदेश चंद्रमा पर पहुँचाया गया
अहमदाबाद, 24 फ़रवरी (हि.स.)। ‘दूसरों की ख़ुशी में हमारी ख़ुशी निहित है, दूसरों की भलाई में हमारी भलाई निहित है’ – परम पूज्य प्रमुखस्वामी महाराज का यह सरल, लेकिन गहन सन्देश एक डिस्क पर अंकित किया गया था, जिसे आईएम-1 नामक कोमर्सियल लेंडर ने चाँद के तल पर पहँचाया। इस मिशन में नासा और स्पेस एक्स का बराबर सहयोग रहा। 22 फरवरी, 2024 को शाम 6:23 बजे, नासा और स्पेसएक्स के सहयोग से इंट्यूएटिव मशीन्स-1 वाणिज्यिक लैंडर, चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरा, अपने साथ प्रमुख स्वामी के जीवन और सार्वभौमिक संदेशों की स्मृति में एक नक्काशीदार डिस्क भी ले गया। प्रमुखस्वामी महाराज (1921-2016), बीएपीएस स्वामिनारायण हिंदू संस्था के दिवंगत आध्यात्मिक व्यक्तित्व थे।
मिशन निदेशक टिम क्रेन की रोमांचक घोषणा- ओडीसियस को अपना नया घर मिल गया है, के बाद हुए आनंद के बीच, विश्व के असंख्य भाविकों के दिलों में एक प्रेमपूर्ण श्रद्धांजलि उमड़ पड़ी। ‘दूसरों की ख़ुशी में हमारी ख़ुशी निहित है, दूसरों की भलाई में हमारी ख़ुशी निहित है,’ यह स्वामी का आदर्श जीवन-वाक्य था, एक सरल लेकिन गहन संदेश, रिलेटिव डायनेमिक्स द्वारा विकसित एक डिस्क पर उकेरा गया, जो इस उल्लेखनीय यात्रा द्वारा आईएम-1 के साथ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुँचा। यह मिशन न केवल 50 से अधिक वर्षों में अमेरिकी अंतरिक्ष यान द्वारा चंद्रमा की सतह पर पहली नियंत्रित लैंडिंग का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि जैसा कि नासा प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा है, मानवता के लिए विजय का प्रतीक भी है। पूरी मानवता के लिए सद्भाव और करुणा के प्रवर्तन के लिए स्वामी ने जो कार्य किया था, उसे वैज्ञानिकों द्वारा एक अंतरिक्ष यान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बेहतरीन अनुप्रयोग के साथ मिलकर, इस मिशन पर भेजा। प्रमुखस्वामी महाराज द्वारा प्रसारित मूल्यों और सार्वभौमिकता का स्मरण करते हुए, इंटुएटिव मशीन्स ने लैंडिंग से पहले लिंक्डइन पर निम्नलिखित संदेश साझा किया: “इंटुएटिव मशीन्स और रिलेटिव डायनेमिक्स इंक. के समन्वय से बनाया गया, आईएम-1 मिशन बीएपीएस स्वामिनारायण संस्था के पांचवें गुरु, परम पूज्य प्रमुखस्वामी को एक शाश्वत श्रद्धांजलि देगा। यह सन्देशयात्रा प्रमुखस्वामी महाराज के जीवनमूल्यों का सम्मान करती है, जिन्होंने नि:स्वार्थ सेवा के सार्वभौमिक मानवीय मूल्य विश्व में बांटे। राष्ट्रों और संस्थानों के बीच इस तरह का सांस्कृतिक जुड़ाव अंतरिक्ष अन्वेषण की खोज में साझा मूल्यों, प्रयासों और उत्तरदायित्व के विकास की जड़ मजबूत करता है।
इस सन्देश-डिस्क को बीएपीएस के वर्तमान आध्यात्मिक गुरु महंतस्वामी महाराज ने 29 दिसंबर, 2022 को भारत के अहमदाबाद में प्रमुखस्वामी महाराज के शताब्दी समारोह के दौरान पूजित किया था। इसमें महंतस्वामी महाराज की सभी के लिए शांति और प्रेम की हार्दिक प्रार्थना है: “दूसरों की ख़ुशी में हमारी ख़ुशी निहित है। दूसरों की भलाई में हमारी भलाई निहित है। इसी जीवन-आदर्श के साथ, हमारे समय के एक महान आध्यात्मिक धर्मगुरु और महान संत, परम पूज्य प्रमुखस्वामी महाराज (1921-2016) ने अपना पूरा जीवन मानवता के उत्थान में समर्पित कर दिया था। उनके शताब्दी समारोह के अवसर पर, मैं भगवान स्वामिनारायण के चरण-कमलों में प्रार्थना करता हूं कि सभी को आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने का बल प्राप्त हो, सभी सुखी रहे। दुनिया में हर जगह सद्भाव और एकता फैले। हर जगह एक-दूसरे के प्रति प्यार और सम्मान पनपे। सबकी शुभ कामनाएँ पूर्ण हों।” पूरी मानवता के लिए साझा मूल्यों की इस भावना पर जोर देते हुए, इंटुएटिव मशीन्स के सीईओ स्टीफन अल्टेमस ने टिप्पणी की, यह स्पष्ट है कि अंतरिक्ष अन्वेषण प्रयास हम सभी के लिए, पूरी मानवता के लिए प्रयास करने के समान है। इस तरह, सद्भाव, एकता और करुणा का यह सार्वभौमिक संदेश- हिंदू धर्मग्रंथ- ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’, जिसका अर्थ है, ‘दुनिया एक परिवार है,’- को सही मायनो में चरितार्थ करता है।
हिन्दुस्थान समाचार/ बिनोद