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कृषि क्षेत्र की कई योजनाओं के लिए शुरू की पोर्टल
किसानों के खाते में सब्सिडी और मुआवजे के 500 करोड़ डाले
गरीब महिलाओं को पोषण के लिए मिलेंगे पांच हजार रुपये
चंडीगढ़, 15 फरवरी (हि.स.)। एक तरफ किसान आंदोलन चल रहा है तो दूसरी तरफ हरियाणा सरकार ने किसानों के हित में कई तरह की पोर्टल शुरू करते हुए सब्सिडी व मुआवजे के करीब पांच सौ करोड़ रुपये उनके खातों में डाल दिए हैं।
गुरुवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साल 2023 में बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे के तौर पर 8615 किसानों के खातों में 18 करोड़ 67 लाख रुपये की राशि डाली है। अभी तक चार बार 130 करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में डाली जा चुकी है। अंबाला, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद और कैथल के किसानों को एक-एक करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा राशि दी गई है। प्रदेश सरकार ने विभिन्न योजनाओं में किसानों के खातों में सब्सिडी राशि ट्रांसफर की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरा उत्पादक किसानों को खातों में 177 करोड़ 854 लाख रुपये की राशि भेजी गई है। अभी तक कुल 1018 करोड़ रुपये की राशि भावांतर भरपाई योजना में किसानों को दी जा चुकी है। इसमें बागवानी फसलों के लिए 40 करोड़ रुपये की भावांतर राशि जारी हुई है। धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों के खातों में 24.42 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है। अब तक यह राशि बढक़र 71 करोड़ रुपये हो चुकी है। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत 19 हजार 500 किसानों के खातों में 25.10 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है। अभी तक कुल 118 करोड़ रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। प्राकृतिक खेती अपनाने वाले 2680 किसानों को 1.20 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई, जबकि कृषि उपकरणों के लिए सब्सिडी की मद में 237 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है। पराली प्रबंधन से लेकर किसानों को मशीनी उपकरण खरीदने की मद में सरकार की ओर से अभी तक 980 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। इसका नतीजा यह हुआ कि राज्य में पराली जलनी पूरी तरह से बंद हो चुकी है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साल 2022-23 के बजट में की गई घोषणा को अमली रूप देते हुए गुरुवार को सीएम मातृत्व सहायता योजना का पोर्टल भी लांच किया। इसके तहत गरीब, दिव्यांग, बीपीएल और एससी महिलाओं को विभिन्न पोषण के लिए पांच हजार रुपये एकमुश्त प्रदान किए जाएंगे। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए गरीब व दिव्यांग महिलाओं को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा।
हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/सुनील