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जींद, 29 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय किसान संघर्ष समिति की बैठक में दाता सिंह वाला-खनौरी बॉर्डर से गत 13 फरवरी को गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं की रिहाई के लिए शुक्रवार को सोनीपत में महापंचायत करने का ऐलान किया है। इस पंचायत के लिए किसान नेताओं ने खापों व पंचायतों से जनसमर्थन मांगा।
भारतीय किसान संघर्ष समिति की बैठक गुरुवार को स्थानीय जाट धर्मशाला में हुई। बैठक में समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुशील नरवाल, प्रदेश प्रवक्ता प्रियंका खरकरामजी, जनता सरकार मोर्चा के संस्थापक नरेंद्र बूरा, युवा प्रदेश अध्यक्ष संदीप चहल और जीता सांगवान ने दाता सिंह वाला-खनौरी बॉर्डर से गत 13 फरवरी को गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं की रिहाई का मुद्दा उठा। नेताओं ने कहा कि दाता सिंह वाला-खनौरी बार्डर से गत 13 फरवरी को गिरफ्तार किए गए किसान नेता अक्षय नरवाल, प्रवीन मदीना और वीरेंद्र कोयल की रिहाई की मांग को लेकर 1 मार्च को सोनीपत के कथूरा गांव में महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से खापें, किसान संगठन के अलावा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से भी किसान संगठन भाग लेंगे।
इन नेताओं ने संकेत दिए कि इस महापंचायत में बड़ा फैसला लिया जा सकता है। महापंचायत में ज्यादा से ज्यादा लोगों और संगठनों को जोडऩे की खातिर जींद समेत कई जिलों में खाप और किसान नेताओं से समर्थन मांगा है। सुशील और संदीप चहल ने बताया कि 13 फरवरी को दातासिंहवाला बार्डर से किसान नेता अक्षय, प्रवीन और वीरेंद्र के साथ मारपीट करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किसान नेताओं के लिए रात को ही कोर्ट खुलवा कर सुबह चार बजे जींद जेल में भेजा गया। इन नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर आठ दिन से कथूरा में भी धरना चल रहा है। धरने पर सभी संगठनों से बातचीत करके 1 मार्चं की महापंचायत का ऐलान किया गया। प्रियंका खरकरामजी ने कहा कि सरकार के पास एक दिन का समय है, नहीं तो 1 मार्च की महापंचायत से कड़ा फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ कई बैठकें करने के बाद भी अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार/ विजेंद्र/सुनील