[ad_1]

डूंगरपुर, 09 मार्च (हि.स.)। वन विभाग, पुलिस और प्रशासन के सहयोग से शनिवार को पुराने शहर में एक जडी-बुटी की दुकान पर छापा मारा, इस दौरान दुकान से विलुप्त जीव के अंग मिले है।
उपवन सरंक्षक रंगास्वामी ने बताया कि उन्हें पुराने शहर में विलुप्त पेगोलिन के अंग बेचने की शिकायत मिली। इस पर वन विभाग ने जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर शनिवार शाम को पुराने शहर के दर्जीवाड़ा से कानेरापोल मार्ग पर हीरालाल पन्नालाल अत्तार जड़ी बूटी की दुकान पर छापा मारा। जहां पर वन विभाग की टीम को दुकान के अंदर लोहे के डिब्बे में विलुप्त पेगोलिन की चमड़ी मिली। यह कवक नुमा आकृति थी। पेगोलिन भारत में विलुप्त प्राणी की श्रेणी में आता है। इसे मर्दाना ताकत बढ़ाने और एंटीऑक्सीडेंट के रुप में खाया जाता है। इसकी कीमत लाखों में होने के कारण पेगोलिन का शिकार सबसे ज्यादा किया जाता है। इसी कारण पेगोलिन को विलुप्त प्राणी की श्रेणी में रखा गया है।
वन विभाग की टीम को दूसरा मोनिटर लेजार्ड (हाथाजोडी) के अंग अवशेष भी मिले है। इसे भी तस्करी में विशेष रुप से प्रयोग में किया जाता है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से अचानक पुराने शहर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी तथा शहर में चर्चा का विषय बन गया। वन विभाग ने दो वन्य जीव के अवशेष को अधिग्रहित कर दुकानदार से पूछताछ शुरू की है। आगे की कार्रवाई के लिए वनजीव तस्करी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी हरिशचंद्रसिंह, एसडीएम विनय मिश्र सहित स्टॉफ मौजूद था।
हिन्दुस्थान समाचार/संतोष व्यास/ईश्वर