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नई दिल्ली, 3 फ़रवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) द्वारा बिहार के मगध क्षेत्र में हिंसक नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने से संबंधित मामले में दो आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। यह आरोप पत्र शुक्रवार काे बिहार में पटना स्थित एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष दायर किया गया।
इस आरोप पत्र में बिहार के कैमूर जिले के रोहित राय उर्फ प्रकाश उर्फ मनोज उर्फ पत्रकार उर्फ नेताजी और राज्य के औरंगाबाद जिले के प्रमोद यादव उर्फ प्रमोद कुमार का नाम शामिल है। शनिवार को एनआईए द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इस मामले मेंं आगे की जांच जारी है।
एनआईए की अभी तक की जांच में पता चला है कि आरोपित रोहित राय मगध क्षेत्र का सब-जोनल कमांडर था और यह क्षेत्र के युवाओं को माओवादी विचारधारा से जोड़ रहा था और युवाओं की भर्ती कर रहा था। एनआईए के मुताबिक प्रमोद यादव नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) का सक्रिय सदस्य है और यह औरंगाबाद क्षेत्र में माओवादी संगठन को मजबूत करने में लगा था। इन दोनाें आरोपिताें के पास से जिंदा कारतूस के साथ दो पिस्तौल और मगध क्षेत्र का बुक-लेट बरामद हुआ था।
एनआईए ने दोनों आरोपितों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 120 बी, 121 ए और विधिविरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 के 17,18, 20, 39 और 40 के तहत आरोप पत्र दाखिल किए हैं। एनआईए ने 26 सितंबर, 2022 को यह मामला अपने हाथ में लिया था। उस दौरान एनआईए ने जांच में पाया था कि दोनों ने औरंगाबाद के माही गांव में 8 जून को बैठक की थी। इस बैठक का उद्देश्य माओवादी संगठन को मजबूती देने के लिए मगध क्षेत्र के व्यावसायिक संगठनों, टोल प्लाजा और ठेकेदारों से वसूली करना था।
हिन्दुस्थान समाचार/ बिरंचि सिंह/दधिबल