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-देश के कुल ऊर्जा उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा बढ़कर 42 फीसदी
-‘वाट्स से गीगावाट टू मीट राउंड द क्लॉक क्लीन एनर्जी’ विषयक सेमिनार
गांधीनगर, 12 जनवरी (हि.स.)। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के अंतर्गत गुजरात एनर्जी और पेट्रोकेमिकल्स विभाग की ओर से शुक्रवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में ‘वाट्स से गीगावाट टू मीट राउंड द क्लॉक क्लीन एनर्जी’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में विशेषज्ञों ने वैश्विक रुझानों और गुजरात के विकास के मार्ग पर विचार रखे।
गुजरात के ऊर्जा और वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने नवीकरणीय ऊर्जा के लिए गुजरात की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। वित्त मंत्री ने कहा कि गुजरात में इसकी शुरुआत उस वक्त हो चुकी थी, जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। आज गांवों में 24 घंटे बिजली की अबाधित आपूर्ति करने वाली ज्योतिग्राम योजना प्रभावी तरीके से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि गुजरात ने 2010 में भारत में पहली बार सोलर नीति बनाई थी। गुजरात भारत में बिजली और सौर ऊर्जा के उत्पादन में अग्रणी राज्य है। गुजरात के पांच लाख घरों की छत पर सोलर पैनल लगा कर गुजरात ने 2000 करोड़ रुपए की बचत की है। नए पावर ग्रिड लगाकर 3000 करोड़ रुपए का आर्थिक उपार्जन किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि गुजरात ने सौर, पवन और हाइड्रोपावर के लिए नई नवीकरणीय ऊर्जा 2023 नीति अपनाई है।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) सचिव भूपिंदर सिंह भल्ला ने कहा कि देश में कुल ऊर्जा में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा बढ़कर 42 फीसदी हो गया है, जो एक उल्लेखनीय बात है। उन्होंने कहा कि सरकार वर्ष 2030 तक 50 फीसदी नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन लिमिटेड (एनटीपीसी) के प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। नवीकरणीय ऊर्जा को उचित महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार के साथ 20 गीगावाट क्षमता वाले प्लांट की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश आने का अनुमान है।
गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूवीएनएल) के प्रबंध निदेशक जयप्रकाश शिवहरे ने कहा कि, हमें बदलते माहौल और ऊर्जा के साथ ताल मिलाने की जरूरत है। सरकार इस उम्दा भाव के साथ जन अभियान चलाने का प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र में प्रत्येक परिवार को योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि सेमिनार में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, ऑप्टिमाइज करने के लिए ऊर्जा की कार्य क्षमता, जीवन की गुणवत्ता और औद्योगिक उत्पादन में कमी किए बगैर बिजली की खपत को कैसे कम किया जाए, लोड शिफ्टिंग किस तरह करें, स्टोरेज टेक्नोलॉजी, बैटरी स्टोरेज और अन्य उभरती टेक्नोलॉजी जैसे विषयों की चर्चा की जाएगी।
इस अवसर पर यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) में स्वच्छ ऊर्जा की विशेषज्ञ अपूर्वा चतुर्वेदी ने कहा कि गुजरात राज्य अनेक क्षेत्रों में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि अब हम गीगावाट के बारे में बात कर रहे हैं। इस देश में नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा बदल गई है। जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में यूएस और भारत के बीच पार्टनरशिप है।
हिन्दुस्थान समाचार/ बिनोद/संजीव
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