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मथुरा, 22 जनवरी(हि.स.)। अयोध्या में रामलला का प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव चल रहा है तो वहीं कान्हा की नगरी मथुरा में बांकेबिहारी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में ठाकुरजी ने अपने भक्तों को भगवान श्रीराम के रूप में दर्शन दिए। बांके बिहारी का प्रभु राम के रूप में श्रृंगार किया गया। बिहारी जी ने मुकुट और पीले रंग के वस्त्र धारण किए। हाथ में धनुष-बाण लेकर पूर्ण रूप से श्री राम के रूप में दर्शन दिए। इसी प्रकार से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भी ठाकुरजी ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के स्वरूप में दर्शन भक्तों को दिए है।
अवध में श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर कान्हा की नगरी उल्लास में डूबी हुई दिखाई दे रही है। हर तरफ उत्साह छाया हुआ है। घर, मंदिर, बाजार सभी जगह को सजाया गया है। भवनों पर भगवा ध्वजा लहरा रही है। जगह-जगह भजन कीर्तन के साथ रामायण का पाठ किया जा रहा है। इसके साथ ही भंडारा का आयोजन और शाम को दीपदान भी किया जायेगा।
अयोध्या और अन्य शहरों की तरह कृष्ण की नगरी ‘राममय’ हो गई है। श्रीकृष्ण की नगरी में हर सड़क, चौराहे पर केवल भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की धूम मची है। यहां केवल राम नाम गूंज रहा है। सब राम की भक्ति में लीन है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के उत्साह को और अधिक बढ़ता हुए मथुरा-वृन्दावन नगर निगम ने प्रमुख चौराहों तो विभिन्न कलाकृतियों और बिजली की झालरों से सजाया है।
पूरे मथुरा शहर में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए साज सजावट की गई है। जगह-जगह पर भण्डारे का आयोजन किए गया है। मंदिर के साथ-साथ सरकारी स्तरों पर भी कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। महानगर के प्रमुख गोवर्धन चौराहा, जिसे अटल चौक के नाम से भी जाना जाता है, पर झांसी के सैंड आर्टिस्ट समीर द्वारा प्रभु श्रीराम के मंदिर की कृति रेत से बनाई गई है। रेत से बनी इस आकृति को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ आई है। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान व वृन्दावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर सहित अन्य कई मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण ने प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रभु श्रीराम के रूप में भक्तों को दर्शन दिए। यहां भगवान कृष्ण ने बांसुरी के साथ-साथ धनुष बाण भी धारण किया हुआ है। यह एक अद्भुत दृश्य है। जिसे देख श्रद्धालु अभिभूत अनुभव कर रहे थे।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर स्थित भागवत भवन के राधा-कृष्ण मंदिर को अयोध्या का स्वरूप देने का प्रयास किया गया। वहीं भगवान राधा और कृष्ण की छवि को भगवान राम और सीता के रूप में तैयार किया गया है। उनका ये रूप अलोलिक है। मंदिर के प्रांगण में सुबह से ही निरंतर प्रसाद वितरण जारी रहा। राम मंदिर के तरह ही ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर को रोशनी से सजाया गया है। इस शुभ अवसर पर मंदिर जगमगा रहा है। यहां ठाकुर जी ने राम जी के रूप में नहीं बल्कि अपने मूल स्वरूप में ही दिव्य दर्शन दिए। मंदिर में सुबह 10 से 11 बजे तक प्रसाद वितरण किया गया। वहीं दूसरी तरफ प्राचीन केशवदेव मंदिर को सजाकर सुबह सुंदरकांड का पाठ किया गया। महिलाओं ने बधाई गायन किया। यहां ठाकुर जी ने श्री राम के रूप में ही धनुष बाण धारण कर अपने भक्तों को दर्शन दिया।
हिन्दुस्थान समाचार/महेश/राजेश