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जम्मू, 7 मार्च (हि.स.)। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, ने भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) द्वारा वित्त पोषित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई की संभावनाएं विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला की मेजबानी की। कार्यशाला की शुरुआत सम्मानित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। औपचारिक स्वागत डॉ. काकली मजूमदार, परियोजना निदेशक, एसोसिएट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स द्वारा किया गया। डॉ. मजूमदार ने कार्यशाला के एजेंडे का व्यापक विवरण भी प्रदान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, कुलपति, एसएमवीडीयू, प्रो. (डॉ.) प्रगति कुमार ने अपने उद्घाटन भाषण में पूरी टीम को ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने पीएमकेएसवाई जैसी किसी भी सरकारी योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए अर्थशास्त्र के महत्व पर जोर दिया।
उल्लेखनीय वक्ताओं में आईआईटी जम्मू से डॉ. मीनाक्षी राजीव शामिल थे, जिन्होंने सूक्ष्म सिंचाई चिंताओं और पीएमकेएसवाई के प्रभाव मूल्यांकन पर प्रकाश डाला। उधमपुर के डीएचओ एस परमिंदर सिंह ने ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ और ‘हर खेत को पानी’ जैसे पीएमकेएसवाई घटकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जम्मू में बागवानी फसलों की संभावनाओं पर चर्चा की। एसकेयूएएसटी जम्मू के डॉ. पवन कुमार शर्मा ने पीएमकेएसवाई के पहलुओं और जमीनी स्तर की वास्तविकताओं के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यशाला में पीएमकेएसवाई लाभार्थियों, किसानों और हितधारकों के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया। संयुक्त निदेशक (एसएलयूबी) महेश कुमार वर्मा और तकनीकी सहायक संजीव खजुरिया ने सत्र का समन्वय किया, किसानों की चिंताओं को संबोधित किया और संभावित समाधान पेश किए।
हिन्दुस्थान समाचार/राहुल/बलवान