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एसपी व आईजी को कार्यालय में बुलाकर करेंगे कानून-व्यवस्था पर बैठक
चंडीगढ़, 9 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के मंडल आयुक्तों को अधिक शक्तियां प्रदान करते हुए अधिकार दिए हैं कि अब वह किसी भी बैठक के लिए जिला उपायुक्तों के साथ-साथ संबंधित जिले के एसपी व आईजी को अपने कार्यालय में बुला सकेंगे। सरकार की योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ अब मंडल आयुक्त अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले जिलों में कानून-व्यवस्था का रिव्यू करने के लिए पुलिस की बैठक भी ले सकेंगे।
सरकार ने मंगलवार को एक आदेश जारी करके मंडलायुक्तों को कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के साथ ही नियमित रूप से रिपोर्ट मुख्यालय भेजने की पावर दे दी है। अभी तक मंडलायुक्तों के पास सिर्फ कोर्ट केस की समीक्षा करने तथा जिला उपायुक्तों के माध्यम से सरकार के दिशा निर्देशों का अनुपालन कराने की पावर थी। अब मंडलायुक्तों को यह अधिकार दिया गया है कि वे हर माह जिला उपायुक्तों के साथ अवश्य रूप से बैठक कर सरकारी विभागों के जमीन से जुड़े विवादों व केस की प्रगति की समीक्षा करेंगे। छह माह से लंबित सभी केस की उपायुक्तों व एसडीएम के साथ चर्चा की जाएगी और उनके निस्तारण के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सरकार को भेजनी होगी। सीनियर सिटीजन के कल्याण के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं को धरातल पर लागू करवाना होगा तथा नागरिक उड्डयन सेवाओं से जुड़े मामलों को जल्द पूरा कराना होगा।
पहले यदि कोई मंडलायुक्त किसी पुलिस अधीक्षक या डीएसपी को अपने कार्यालय में बुलाता था तो वे काफी आनाकानी करते थे। कई बार राज्य सरकार ने जब मंडलायुक्तों से कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में बातचीत की तो उन्होंने साफ कह दिया कि इस व्यवस्था में उन्हें शामिल नहीं किया जाता, जिसके बाद राज्य सरकार ने मंडलायुक्तों को पावर दी है कि वे माह में कम से कम एक बार आइजी, डीआइजी, पीसी, डीसी, एसपी, डीएसपी और डीसीपी के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। संवेदनशील स्थानों, संवेदनशील विषयों और प्रमुख घटनाक्रम की एक गोपनीय रिपोर्ट मुख्य सचिव को प्रेषित करेंगे।
राज्य में फसल खराब होने की स्थिति में गिरदावरी व मुआवजे का वितरण भी मंडलायुक्तों की देखरेख में होगा। प्रदेश सरकार ने मंडलायुक्तों को अधिकार दिया है कि वे गिरदावरी की गई जमीन में एक प्रतिशत केस की स्वयं मौके पर जाकर जांच करें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वास्तविक लोगों को लाभ मिल रहा है अथवा गिरदावरी में किसी तरह की कोई गड़बड़ तो नहीं हुई है। मंडलायुक्तों को इस संबंध में पूरी मासिक रिपोर्ट चीफ सेक्रेटरी को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/सुनील
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