[ad_1]

– अमन अरोड़ा को सुनाम कोर्ट सुना चुकी है दो साल की सजा
चंडीगढ़, 5 जनवरी (हि.स.)। पंजाब की एक अदालत द्वारा कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को घरेलू विवाद में दो साल की सजा सुनाए जाने के मामले ने आज उस समय नया मोड़ ले लिया जब राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर मंत्री द्वारा ध्वज फहराए जाने पर जवाब मांग लिया।
सुनाम कोर्ट ने 21 दिसंबर 2023 को अमन अरोड़ा के साथ-साथ उनकी माता परमेश्वरी देवी, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष व संगरूर जिला योजना बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राजिंदर सिंह राजा को भी दो-दो साल की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इन तीनों के अलावा सजा पाने वाले एक शख्स की मौत भी हो चुकी है। अमन अरोड़ा के खिलाफ यह मामला वर्ष 2008 में उन्हीं के जीजा ने दर्ज करवाया था।
इस बीच सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अमन अरोड़ा गणतंत्र दिवस के अवसर पर अमृतसर में ध्वज फहराएंगे। राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने इस संबंध में लिखे पत्र में कहा है कि सुनाम की अदालत ने अमन अरोड़ा दो साल साल की सजा सुनाई है। सुप्रीम कोर्ट लिली थॉमस केस में 2013 में आदेश दिए थे कि किसी भी मंत्री या विधायक के दोषी ठहराने पर पद से हटाना होगा। वह अपने पद पर बने हुए हैं।
मंत्री को अभी तक ऊपरी अदालत से स्टे नहीं मिला है। वहीं, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने जा रहे हैं जोकि बिल्कुल भी उचित नहीं है। गणतंत्र दिवस एक महत्वपूर्ण दिन है। ऐसे में एक अयोग्य विधायक को ऐसी जिम्मेदारी सौंपना न केवल कानूनी मर्यादा को चोट पहुंचाती है बल्कि इससे गलत संदेश जाता है। राज्यपाल ने सारे मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव/प्रभात
[ad_2]
Source link