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बांदा, 08 मार्च (हि.स.)। जिले के सुनसान स्थान पर पिछले कई महीने से ई-रिक्शा चालकों के साथ मारपीट कर उनका ई-रिक्शा या फिर मोबाइल व नगदी रुपए लूट लिए जाते थे। शुक्रवार को मटौंध पुलिस ने ई-रिक्शा लूटने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी निशान देही पर लूटे गए कई ई-रिक्शा, चार बैटरी व लूट में इस्तेमाल किए गए ई-रिक्शा व एक बैटरी भी बरामद किए हैं। पकड़े गए बदमाशों में दो बाल अपचारी भी हैं। पुलिस अब इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक सॉफ्टवेयर के जरिए रिक्शा चालकों को रजिस्टर्ड करेगी।
यह बात शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने यह भी बताया कि विगत दिनों थाना मटौंध, थाना कोतवाली देहात व थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में हुई ई-रिक्शा लूट की घटनाओं का सफल अनावरण करते हुए अभियुक्तों की गिरफ्तारी को एक टीम का गठन किया गया था। 26 फरवरी 2024 को देर शाम अज्ञात अभियुक्त सवारी बनकर क्योटरा चौराहा से एक ई-रिक्शा पर बैठे तथा भूरागढ़ चौकी क्षेत्र में त्रिवेणी बाईपास पहुंच कर अभियुक्तों ने ई-रिक्शा चालक को मारपीट कर ई-रिक्शा लूट लिया था। जिसके संबंध में थाना मटौंध पर अभियोग पंजीकृत करते हुए अभियुक्तो की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे।
इसी क्रम में मुखबिर की सूचना पर अभियुक्तों को आज को नहर पुलिया मोहनपुरवा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। इनसे कड़ाई से पूछताछ की गई तो इन अभियुक्तों ने बताया कि उन्होने दिनांक 26 फरवरी 2024 को त्रिवेणी चौराहा मटौंध से एक ई-रिक्शा की लूटा था। इसके पहले 13 फरवरी 2024 को करिया नाला थाना कोतवाली नगर से एक ई-रिक्शा की लूट की। 24 फरवरी 2024 को अवन्तीनगर थाना कोतवाली नगर से एक ई-रिक्शा चुराया। 28 फरवरी 2024 को आरटीओ चौराहा के पास से एक ई-रिक्शा की लूटा था तथा 17 फरवरी 2024 को रामलीला मैदान थाना कोतवाली नगर से ई-रिक्शा से 4 बैट्री की चोरी की घटना को अंजाम दिया था। अभियुक्तों के कब्जे से लूट-चोरी किए गए ई-रिक्शा, बैट्री व घटना में प्रयुक्त ई-रिक्शा तथा मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों में हर्ष प्रजापति पुत्र राजू निवासी बकछा थाना सिसोलर जनपद हमीरपुर और विष्णु पुत्र रामगोपाल कुशवाहा निवासी अवन्तीनगर थाना कोतवाली नगर बांदा के अलावा दो बाल अपचारी शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस तरह की बढ़ती घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से पुलिस एक सॉफ्टवेयर तैयार कर रही है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए शहर में रिक्शा चलाने वाले सभी चालकों का रिकॉर्ड दर्ज कर उन्हें एक पहचान पत्र भी दिया जाएगा। प्रमाण पत्र देने से पहले ई रिक्शा चालकों का अपराधिक इतिहास भी पता किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र वह अपने रिक्शे में लगाएगा ताकि ई रिक्शा में बैठने वाला व्यक्ति जान ले कि रिक्शा पुलिस द्वारा वैरीफाइड है।
हिन्दुस्थान समाचार/ अनिल/मोहित