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जींद, 11 फ़रवरी (हि.स.)। सांसद दीपेंद्र हुड्डा रविवार को एकलव्य स्टेडियम में आयोजित पेंशन बहाली संघर्ष समिति की ओपीएस रैली में पहुंचे और समर्थन दिया। उन्होंने मंच से ऐलान किया कि हरियाणा में कांग्रेस सरकार आने पर कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम मिलेगी। दीपेन्द्र हुड्डा ने यह भी जोड़ा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू किया था, लेकिन वहां बीजेपी सरकार ने सत्ता में आते ही इसे वापस ले लिया। हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनने पर कानून बनाकर ओपीएस लागू करेंगे ताकि इसको कोई बदल न सके।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में देश को आगे लेकर जाने में केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल जैसे प्रदेशों में कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा दी जा सकती है तो हरियाणा सरकार ओल्ड पेंशन क्यों नहीं दे रही ये समझ के बाहर की चीज है। जो कर्मचारी हमारे भविष्य की सुरक्षा करते हैं उनके भविष्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा से लोकसभा और राज्यसभा के कुल 15 सांसदों में अकेले विपक्षी सांसद के रूप में और कांग्रेस पार्टी की तरफ से नुमाइंदगी करते हुए सड़क से लेकर संसद तक कर्मचारियों की इस मांग को उठाया लेकिन सरकार ने न तो कर्मचारियों की बात मानी न तो विपक्ष की आवाज़ सुनी। ओपीएस हर कर्मचारी का हक है। कर्मचारियों की मांगें जायज हैं। सरकार इन्हें माने और तुरंत पेंशन लागू करे।
उन्होंने यह भी कहा कि देश भर में जहां भी कांग्रेस की सरकार है, वहां सभी जगह पर पुरानी पेंशन स्कीम लागू हो गई है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार को अपनी कर्मचारी विरोधी नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना लागू करके बीजेपी सरकार ने फौज के जवानों को भी पेंशन विरोधी चक्र में फंसा दिया। इसी तरह केंद्र सरकार ने अनियंत्रित निजीकरण करके नौकरियों में कटौती कर डाली। हरियाणा में भी लाखों पक्के सरकारी पदों को कच्चा कर दिया गया। जिसमें न कोई पेंशन है न रिजर्वेशन है।
हिन्दुस्थान समाचार/ विजेंद्र/संजीव