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जींद, 11 फ़रवरी (हि.स.)। जनशक्ति मंच कार्यालय में किसान मजदूर संगठनों की रविवार को बैठक किसान नेता जसबीर सिंह भाटी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 13 फरवरी दिल्ली घेराव अपील पर चर्चा हुई और 16 फरवरी की संयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा पूरे भारत में गांव बंद की अपील पर चर्चा हुई।
बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली के लिए जो पंजाब से किसान चल रहे हैं उनका पूर्ण रूप से सहयोग किया जाएगा। 16 फरवरी को भारत बंद में भी बढ़चढ़ कर भाग लेगें। नीलम आजाद और उसके साथियों पर देशद्रोह का जो मुकद्मा दर्ज किया गया है बिना शर्त उनको रिहा करने की मांग की गई। किसानों की एमएसपी कानून बनाया जाए। आंदोलन दौरान किसान पर हुए केस दर्ज वापस किए जाएं। भूमि अधिग्रहण बिल 2020 वापस लिया जाए और भूमि अधिग्रहण 2013 लागू किया जाए। अग्निवीर योजनाओं को वापस लेकर नौजवानों को पक्का रोजगार देने की व्यवस्था किया जाए। लखीमपुर कांड के दोषियों को सजा दी जाए। मनरेगा स्कीम को कृषि कार्यों से जोड़ा जाए और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाए।
इन सभी मांगों पर सभी संगठनों ने एकमत से मांग की गई और पूरे तन-मन-धन से पंजाब से चले हुए किसान साथियों का सहयोग किया जाएगा और रास्ते में आने वाली सरकार की सभी बाधाओं को हटा दिया जाएगा और सरकार ने कोई भी तानाशाही करने की कोशिश कि तो उसका मुहं तोड़ जवाब दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। बैठक में राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रधान जसबीर सिंह भाटी, अनदाता किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरूमुख सिंह, भारतीय किसान मजदूर उत्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह विरक, राष्ट्रीय मजदूर किसान मंच के हरपाल टोहाना सहित अनेक किसान नेता व पदाधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/ विजेंद्र/संजीव