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छतरपुर, 28 फ़रवरी (हि.स.)। नाबालिग को पकड़कर ले जाने एवं दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विक्रम भार्गव, छतरपुर के न्यायालय ने बाल अपचारी आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है
अभियोजन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 03.09.2021 को पीड़िता की चाची/फरियादी ने देहाती नालसी लेख कराई कि अभियोक्त्री की उम्र 08 वर्ष है जो उसके देवर की लड़की है। दिनांक 03.09.2021 को करीब 2.30 बजे वह अपने घर पर प्रेस कर रही थी। इतने में पीडिता बहुत जोर से रोते हुए उसके पास आई तो उसकी आवाज सुनकर उसकी देवरानी भी आ गई। उसने पीडिता से रोने का कारण पूछा तो पीडिता ने बताया कि वह बाडे में लैट्रिन करने गई थी तभी आरोपी बालक अपचारी अचानक पीछे से आया और उसका मुंह दबाकर पहाडी पर ले गया और उसे जमीन पर पटककर उसके साथ गलत काम किया। तब वो लोग पीडिता को नौगांव अस्पताल लेकर गये जहां डॉक्टर ने उसका प्राथमिक इलाज कर उसे जिला अस्पताल छतरपुर रेफर कर दिया।
फरियादी की उक्त रिपोर्ट के आधार पर आरोपी बालक अपचारी के विरूद्ध धारा 342, 376,376(2)(आई) भा.द.सं. एवं धारा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट की रिपोर्ट लेखबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की समस्त विवेचना पूर्ण कर अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया ।
अभियोजन की ओर से एडीपीओ/विशेष लोक अभियोजक हेमंत बाजोलिया ने पैरवी करते हुये मामले के सभी सबूत एवं गवाह कोर्ट में पेश किये, विचारण उपरांत विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विक्रम भार्गव, छतरपुर के न्यायालय ने विधि के उल्लंघनकारी बालक को पॉक्सो एक्ट की धारा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया।
हिन्दुस्थान समाचार/सौरभ भटनागर