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कोलकाता, 11 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का एक दल पांच जनवरी को तृणमूल कांग्रेस के नेता शंकर आध्या को गिरफ्तार करने गई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हुए हमले की जांच के सिलसिले में सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव पहुंचा। अपने एक आधिकारिक बयान में सीबीआई ने बताया कि राशन घोटाले के सिलसिले में आध्या से जुड़े ठिकानों पर छापा मारने गई ईडी की टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया था। उन्होंने कहा कि करीब 17 घंटे तक चली छापेमारी के बाद बनगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष आध्या को गिरफ्तार कर लिया गया था।
सीबीआई ने बताया कि भीड़ ने कथित तौर पर ईडी टीम को आध्या को साथ ले जाने से रोकने की कोशिश की और टीम के वाहनों पर पथराव किया। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टीम के साथ आए सीआरपीएफ जवानों को लाठीचार्ज करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि आध्या के घर गई सीबीआई टीम के साथ फोरेंसिक विज्ञान कर्मी भी थे। सीबीआई अधिकारियों को आध्या के घर और आसपास के इलाके की मैपिंग के लिए 3डी स्कैनर का इस्तेमाल करते देखा गया। उन्होंने आस-पास की वीडियो भी बनाई।
अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने आध्या के परिवार को एक नोटिस भी दिया, जिसमें घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की पांच जनवरी की फुटेज मांगी गई है। उन्होंने बताया कि सीबीआई टीम बनगांव नगर पालिका के वर्तमान अध्यक्ष गोपाल सेठ के घर भी पहुंची और जनवरी के पहले सप्ताह का सिमुलतला इलाके का सीसीटीवी फुटेज मांगा, जहां आध्या का घर है। सेठ ने कहा कि उन्होंने सीबीआई को सूचित किया कि 25 दिन का फुटेज इकट्ठा किया गया है। इस बीच उसी दिन संदेशखाली में ईडी की एक अन्य टीम पर हुए हमले के सिलसिले में शाहजहां शेख के करीबी सहयोगी जियाउद्दीन मोल्ला कोलकाता में सीबीआई के सामने पेश हुए।
मोल्ला ने संवाददाताओं से कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि कथित राशन घोटाले में शेख के घर छापा मारने गई ईडी टीम पर भीड़ के हमले में शेख शामिल था या नहीं। तृणमूल नेता शेख को यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपों पर महिलाओं के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद 29 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था, वह हमले के बाद 55 दिन तक फरार रहा था। हिन्दुस्थान समाचार /ओम प्रकाश /गंगा