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जींद, 23 फ़रवरी (हि.स.)। दाता सिंह वाला बॉर्डर पर शुक्रवार को काला शुक्रवार मनाया गया। किसानों ने हाथों में काले झंडे उठा रखे थे, ओर काली पट्टी बांधी हुई थी। किसानों ने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों का श्रद्धांजलि दी।
किसानों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे थे कि सरकार के इशारे पर उन गोलियां, आंसू गैस तथा लाठियां चलाई जा रही हैं। किसान आंदोलन पार्ट टू के चलतेे शुक्रवार को दाता सिंह वाला बार्डर शांति बनी रही। किसानों ने सील बार्डर से दूरी बनाए रखी। बार्डर पर फोर्स अर्लट पर रही और बॉर्डर पार निगाहबानी करती रही। दातासिंह वाला खनौरी हाईवे पर डेरा डाले बैठे किसानो ने काला दिवस मनाया। किसानों ने पीएम तथा सीएम का पुतला फूंक कर जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं का आवागमन भी वहा जारी रहा।
किसानों ने आंदोलन को लेकर रणनीतियां बनाई। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भी अपनी रणनीतिया बनाई। दोनों पक्षों की नजरें सरकार के साथ पांचवें दौर की बातचीत पर टिकी रही। पुलिस भी हाइवे पर लगातार नजर बनाए रही। दोनों तरफ हालातों पर मंथन चलता रहा। दिल्ली कूच करने के लिए डेरा डाले किसान सील बार्डर दूर रहे। नारेबाजी जरूर करते रहे लेकिन सील बॉर्डर की तरफ उकसावे का कार्य भी नही किया। बॉर्डर पर सफेद झंडा फहराता रहा।
हिन्दुस्थान समाचार/ विजेंद्र/संजीव