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वन मंडलाधिकारी ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतते हुये शाम को जंगल न जाने ग्रामीणों से की अपील
अनूपपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। वन मंडल अनूपपुर सीमा में छग से आए दो हाथियों ने जिले के जैतहरी एवं कोतमा वन परिक्षेत्र आंतक फैला रखा है। ग्रमीण पूरी रात रतजगा कर अपने जानमाल की रक्षा करते हैं। बुधवार एवं गुरुवार की रात जैतहरी रेंज के चोलना गांव में एक ग्रमीण के घर का दरवाजा तोड़ दिया। गुरुवार को दोनों हाथी कोतमा वन परिक्षेत्र के पडौंर से सोननदी पार कर जैतहरी वन परिक्षेत्र के कुकुरगोड़ा एवं चोई गांव के जंगल में दिन में विश्राम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 6 जनवरी की अनूपपुर वन मंडल के जैतहरी एवं कोतमा वन परिक्षेत्र की सीमा को पार करते हुए दोनों हाथियों ने छत्तीसगढ़ के मरवाही वन परिक्षेत्र के जंगल से मप्र के अनूपपुर वन परिक्षेत्र प्रवेश किया। दोनों बुधवार एवं गुरुवार की मध्य रात जैतहरी रेंज के चोलना गांव में दो बजे रात अनिल केवट के घर का दरवाजा तोड़ते हुए कोतमा वन परिक्षेत्र के पडौंर के मेला के संगम स्थल के सोननदी को पार कर वन परिक्षेत्र जैतहरी के कुकुरगोड़ा एवं चोई गांव के मध्य धनगवां बीट में पहुंचे। वहीं अत्यधिक लेंटाना होने के कारण वर्तमान समय तक दोनों हाथियों के प्रत्यक्ष रूप से देखा नहीं जा सका है। ग्रामीण और वन विभाग का मैदानी अमला हाथियों के विचरण दौरान सोननदी एवं उसके आसपास विचरण पर पड़े पैरों के निशान झाड़ियों को तोड़कर खाते, चलने से हाथियों के आ जाने का आभास हुआ है।
अनूपपुर वन मंडलाधिकारी एसके प्रजापति ने हाथी प्रभावित क्षेत्र एवं देर रात हाथियों के संभावित विचरण क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्कता बरतते हुये जंगल एवं गांव के मध्य अलग-थलग खेतों में घर बनाकर रह रहें ग्रामीणों को शाम को अंधेरा होने के पूर्व ही सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। जैतहरी एवं कोतमा वन परिक्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारियो एवं मैदानी अमले को सतत निगरानी रखते हुए सतर्कता एवं ग्रामीणों की सुरक्षा करने के निर्देश दिए हैं। दोनों हाथियों का समूह देर रात को किस क्षेत्र में जायेंगे यह देर रात होने पर ही पता चल सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला/मुकेश
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