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गुवाहाटी, 14 मार्च (हि.स.)। राज्य में उद्योग के अनुकूल माहौल तैयार होने के कारण बीते दो वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपए का विनिवेश असम में होने जा रहा है। इनमें से कुछ विनिवेश हो चुके हैं और कुछ होने की राह में हैं।
इस आशय की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने आज राजधानी दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने बताया कि सरकार की सही नीतियों के कारण ही आज पेप्सी कोका-कोला जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां असम में आ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा फिर से पूर्वोत्तर उद्योग उन्नति योजना के नाम से नॉर्थ ईस्ट इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी (एनईईपी) शुरू की गई है। इसके तहत सब्सिडी देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 10 हजार करोड़ रुपए की पूंजी आवंटित की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत एक करोड़ रुपए तक का उद्योग लगाने वालों को 7.5 फ़ीसदी सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, बैंक लोन में भी 5 फ़ीसदी की रिहाई होगी। उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से संबंधित उद्योग लगाने वालों को इस योजना के तहत सेंट्रल जीएसटी की राशि भी वापस मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत मूलधन वापस किए जाने संबंधी सिडबी के साथ एक समझौता किए जाने के कारण ही विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा असम के लघु उद्योगों को 20 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ग्रीन पावर इंडस्ट्रियल इंसेंटिव पॉलिसी, असम इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रियल इंसेंटिव पॉलिसी आदि ला रही है, ताकि आने वाले दिनों में यहां सोलर पैनल, सोलर लाइट के साथ ही मोबाइल, कैमरा आदि का उद्योग भी लगाया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार /श्रीप्रकाश/अरविंद