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कोलकाता, 10 फरवरी (हि.स.)। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी संदेशखाली मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पश्चिम बंगाल सरकार के डीजीपी और मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब की गई है। उन्हें तीन दिन के अंदर जवाब देना होगा। अनुसूचित आयोग की ओर से शनिवार को दिए गए नोटिस में स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि रिपोर्ट संतोषजनक नहीं हुई तो आयोग की पूर्ण पीठ बंगाल आएगी।
राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के अध्यक्ष अरुण हलदर ने कहा कि बंगाल अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए नर्क बन चुका है। उन पर रोज अत्याचार, हमले, मारपीट आगजनी, दुष्कर्म आम बात है। राज्य सरकार पूरी तरह से उनके अधिकारों की सुरक्षा में असफल है।
उल्लेखनीय हैं कि संदेशखाली में पिछले तीन दिनों से सड़कों पर उतरकर महिलाएं विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। अधिकतर महिलाएं अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय की है। आरोप है कि सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े होने के बावजूद तृणमूल के ही अपराधिक प्रवृत्ति के लोग रात के अंधेरे में उनके घरों पर हमले कर रहे हैं और पुलिस मददगार है। इसके अलावा तीन दिनों से जारी हिंसा और हंगामे को लेकर आयोग ने रिपोर्ट मांगी है। हिन्दुस्थान समाचार /ओम प्रकाश /गंगा