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शिमला, 22 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बीते 17 फरवरी को वितीय वर्ष 2024-25 के लिए विधानसभा में पेश बजट पर गुरूवार को भी सदन में चर्चा हुई। निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने बजट चर्चा में कहा कि बजट में छह ग्रीन काॅरिडोर का जिक्र किया गया है जोकि सरकार का सराहनीय कदम है। इंदिरा गांधी महिला सम्मान निधि योजना पर उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं के लिए यह योजना होनी चाहिए, क्योंकि हिमाचल की सभी महिलाएं एक बराबर है। इस योजना का लाभ किसी विशेष जिला या श्रेणी को नहीं मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एकल नारी योजना में सरकार को स्थिति साफ करनी चाहिए कि एक साल में कितनी एकल नारियों को मकान मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल में चिट्टे, चरस, गांजा को रोक रहे हैं, लेकिन शराब को प्रमोट कर रहे हैं। ग्रामीण स्तरों पर नई-नई शराब की दुकानें खोली जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए की ग्रामीण क्षेत्रों की बजाय पर्यटन स्थलों पर शराब के ठेके खोले जाएं। उन्होंने सदन में क्रिप्टो करेंसी मामला उठाते हुए कहा कि 2500 करोड़ का घोटाला इसमें हुआ हैं, ऐसे में सरकार ने इस मामले को लेकर भी कोई पाॅलिसी नहीं लाई जिससे आने वाले समय में लोगों का पैसा सुरक्षित रह सके।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने चर्चा में कहा कि यह कहना गलत है कि बजट दिशाहीन है। इस बजट में और इससे पूर्व के बजट में सीमित संसाधन होने के बावजूद भी आगे बढ़े इस बात का वर्णन साफ दिखता है। पिछले कुछ सालों में देखने आया है कि केंद्र सरकार संर्कीण मानसिकता के साथ राज्यों के साथ बर्ताव कर रही है। उन्होंने कहा कि अब केंद्र देख रहा है कि राज्यों में किस विचारधारा की सरकार है, जबकि इससे पहले ऐसा नहीं होता था।
राजस्व मंत्री ने कहा कि जब अंग्रेज भारत को छोड़ कर गए तो कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं था, लेकिन पंडित जवाहर लाल नेहरू की सोच के चलते ही यह भारत का हिस्सा बना। उस समय तो भाजपा अस्तित्व में भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि देश में जो भी हुआ है वह 2014 के बाद हुआ भाजपा ऐसा सोचती है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में भी हिमाचल को पूरा हक नहीं मिल रहा।
भाजपा के सत्तपाल सिंह सत्ती ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव लड़ने के समय कई आश्वासन दिए और झूठ बोले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार कह रही है कि हिमाचल पर लाखों करोड़ों रुपए का कर्ज बीजेपी ने छोड़ा है। उन्होंने कहा कि जब वीरभद्र सीएम रहे और जब सत्ता जयराम ठाकुर के पास आई तो उस समय 48 हजार करोड़ का कर्ज था। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर ने 5 साल के कार्यकाल में 20 हजार करोड़ का कर्ज लिया। उन्होंने कहा कि पहले ही लीडर समाज में झूठ बोलने के लिए बदनाम है, कोई भी हमारी बात पर विश्वास नहीं करता। ऐसे में हजारों करोड़ों रुपए का झूठ नहीं बोलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब कोरोना माहामारी आई तो सब कुछ बंद हो गया। लेकिन उस दौरान जयराम ठाकुर ने 10 हजार 888 करोड़ का कार्ज लिया, जबकि 7 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज वापिस किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। उन्होंने डाॅक्टरों की पेन डाउन स्ट्राइक के बारे में भी जिक्र किया। दवाओं के सैंपल फेल होने का भी मामला उठाया। सीएम डाॅक्टरों से बातचीत करें, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं ठीक हो सके। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बिना वेंटिलेटर के मरीजों की मौत हो रही है। जो वेंटिलेटर केंद्र सरकार ने राज्य को दिए थे वह आज कचरे में तबदील हो गए हैं। उन्हाेंने दवा माफिया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों को दवा माफिया 10-10 लाख कमीशन दे रहे हैं। गलत दवा देने पर आज युवाओं की किडनिया खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में हालात ऐसे हैं कि लोग पुलिस वालों से कम नर्सों से ज्यादा डर रहे हैं, क्योंकि उन्हें सही जानकारी नहीं है। उन्होंने नशे को लेकर भी सदन में चिंता जाहिर की और कहा चिट्टे की वजह से युवा मर रहे हैं। उन्होंने अवैध खनन को लेकर सरकार से कार्रवाई करने का आह्वान किया। आउटसोर्स कंपनियों की बजाय लैबर विभाग आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन दे।
सीपीएस व कांग्रेस के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने बजट चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि बजट में आखिरी पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचने के लिए विभिन्न योजनाएं हैं। इस बजट को ग्लोबल सोच के तहत बनाया गया है। मुख्यमंत्री का संकल्प हिमाचल को हरित राज्य बनाना है और प्रदेश सरकार सौर उर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 1500 रूपये देने की गारंटी की लाहौल-स्पीति से शुरूआत हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियोें की सालों से चली आ रही ओपीएस की गारंटी को पूरा कर दिखाया है। सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा शासित राज्य सरकारें केंद्र सरकार के दबाव में फैसला ले रही हैं। राजस्थान की भाजपा सरकार ने ओपीएस को नकारा कर एनपीएस को फिर लागू किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ओपीएस लागू करने के बाद केंद्र सरकार ने कई प्रतिबंध लगाए। बीते वर्ष प्रदेश में आई आपदा का जिक्र करते हुए सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि इस त्रासदी से नुकसान के साथ-साथ अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई। बावजूद इसके राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के लिए 4500 करोड़ का पैकेज लाई।
उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म की प्रदेश में अपार संभावनाए हैं और वर्तमान सरकार इसे तवज्जो दे रही है। कुल्लू को ईको टूरिज्म का एक माॅडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। आने वाले समय में ईको टूरिज्म के क्षेत्र में बड़ा बजट रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली महादेव प्रोजेक्ट पर किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा से निपटने में बेहतरीन कार्य किया और इसका असर यह हुआ कि आपदा के बाद भारी संख्या में सैलानियों ने हिमाचल का रूख किया। वर्ष 2022 में 1 करोड़ 51 लाख पर्यटन हिमाचल पहुंचे, तो वर्ष 2023 में 1 करोड़ 68 लाख पर्यटक यहां आए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कुल्लू जिला में व्यवस्था परिवर्तन धरातल पर नजर आया है। उन्होंने भूतनाथ पुल की खस्ता हालत के लिए पूर्व सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
इस पर जयराम ठाकुर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह कहना गलत है कि भूतनाथ पुल को मौजूदा सरकार ने ठीक किया है। उन्होंने कहा कि सीपीएस को भूतनाथ पुल को लेकर तथ्यों के आधार पर बात रखनी चाहिए। भूतनाथ पुल डबल लेन का है और वर्तमान सरकार द्वारा ठीक करने के प्रयास से यह बैठ गया। इस पुल पर बड़ी गाड़ियों की आवाजाही नहीं हो रही है, जबकि पुल बड़ी गाड़ियों के लिए बनाया गया था।
इस पर लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में आपदा के दौरान कई पुल ढह गए थे। विभाग ने सभी पुलों का सेफटी आडिट करवाया है। उन्होंने कहा कि भूतनाथ पुल का इतिहास बहुत पुराना है और आपदा में इसका एक हिस्सा धंसना शुरू हो गया था। एक एजेंसी से इसका सिक्यूरिटी आडिट करवाया गया और जब तक आडिट में स्पष्ट नहीं होता है, तब तक किसी के जीवन को खतरे में नहीं डाला लाएगा। इसे लेकर एक कमेटी भी गठित की गई है। कमेटी ने इस पुल की क्लीयरेंस दी है। सेफटी आडिट की रिपोर्ट के बाद ही वाहन चलाए जाएंगे।
भाजपा के पवन काजल ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए सरकार पर कांगड़ा की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे लोगों की उपजाऊ भूमि बर्बाद हो रही है। पवन काजल ने कहा कि पिछले बजट की तरह इस बार के बजट में कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने गारंटियों पर सरकार की घेराबंदी की और कहा कि झूठी गारंटियों की वजह से उन्हें कांग्रेस को अलविदा करना पड़ा।
कांग्रेस के रघुबीर बाली ने चर्चा में हिस्सा लते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा ने हिमाचल प्रदेश में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री आपदा के वक्त रात-दिन ग्राउंड जीरो में काम किया। मुख्यमंत्री ने अपने हेलीकाप्टर से प्रभावितों को निकाला और उनके कार्य की डब्लयूएचओ व नीति आयोग ने भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि आपदा से आत्मनिर्भर हिमाचल निकल कर आया है। उन्होंने कहा कि गारंटियों को लेकर प्रदेश सरकार संवेदनशील है और एक साल में ऐतिहासिक काम करते हुए तीन मुख्य गारंटियों को पूरा कर दिया है। उन्होंने बजट में बुजुर्गो के लिए घोषणाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने की दिशा में काम हो रहा है और कई कार्यों की डीपीआर बन चुकी है।
भाजपा के रणधीर शर्मा ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि बजट में व्यवस्था परिवर्तन की झलक नहीं दिखाई दी। पांच हजार करोड़ की बढ़ौतरी के बावजूद इस बार का बजट अर्थव्यवस्था के पैरामीटर पर खरा नहीं उतरा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के एक साल के कार्यकाल में सकल घरेलु उत्पाद यानी जीडीपी में मात्र 12 करोड़ की वृद्वि हुई, जो पूर्व भाजपा सरकार के अंतिम वर्ष की तुलना में 50 फीसदी कम है। उन्होंने कहा कि इस बजट में राजकोषीय घाटा बढ़कर 10 हजार 783 करोड़ हो गया है, जो कि प्रदेश के लिए चिंताजनक है। रणधीर शर्मा ने यह भी कहा कि पिछली भाजपा सरकार में विकास कार्यों के लिए 29 रूपये खर्च होते थे, जबकि वर्तमान सरकार में विकास कार्यों के लिए 28 रूपये रह गए हैं।
भाजपा विधायक ने कहा कि कर्ज लेने की प्रथा कांग्रेस की सरकारों ने शुरू की और सबसे ज्यादा कर्ज कांग्रेस सरकारों के समय लिए गए। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने के लिए फिजूलखर्ची रोकने और आय के संसाधन जुटाने की जरूरत है। लेकिन वर्तमान सरकार इस दृष्टि में कोई काम नहीं कर पाई है। उन्होंने प्रदेश में फिजूलखर्ची रोकने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के कार्र्यां का जिक्र किया। रणधीर शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार से एक साल में 34 हजार करोड़ रूपये हिमाचल को मिले हैं। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य सिहं ने हिमाचल में रामराज्य की बात कही है। अगर वो चाहते हैं कि रामराज्य बने तो द्वार खुले हैं। आइए आपका स्वागत है।
कांग्रेस के केवल सिंह पठानिया ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट में दूरदर्शिता दिखाते हुए सभी वर्गों को राहत दी है। बजट ने किसान गरीब और कर्मचारियों का दिल खुश कर दिया है। कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करना एक नई शुरूआत है। उन्होंने कहा कि बजट की अच्छी बातों की पक्ष को तारीफ करनी चाहिए। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार आपदा के विकट हालातों में काम करने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पीठ थपथपा चुके हैं।
भाजपा के पूर्ण चंद ठाकुर ने चर्चा में बोलते हुए बजट को दिशाहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गारंटियों का बजट में कोई उल्लेख नहीं है और यह प्रदेश की जनता के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपनी गारंटियों का पूरा करती है, तो वे पहले विधायक होंगे, जो सरकार का धन्यवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 1500 रूपये देने की गारंटी को पूरा करना प्रदेश सरकार के लिए असंभव है। इस पर प्रदेश के पांच साल के बजट के बराबर धनराशि खर्च होगी। उन्होंने कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप भी लगाया और कहा कि अगर वो कांग्रेस में रहते तो कभी विधायक नहीं बनते।
कांग्रेस के चैतन्य शर्मा ने चर्चा में कहा कि बजट में उनके क्षेत्र की कई योजनाओं को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लाई गई योजनाओं की धरातल पर बैड्रिंग बेहद जरूरी है, ताकि आम जन को इन योजनाओं का फायदा मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना और प्रदेश में बन रहे छह ग्रीन कोरिडोर की सराहना की। उन्होंने बजट में राजकोषीय घाटे पर चिंता जताई और इसे लेकर कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने आउटसोर्स, करूणामुलक व जलरक्षकों के लिए विशेष नीति बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।
हिन्दुस्थान समाचार/ उज्जवल/सुनील