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मंडी, 19 जनवरी (हि.स.)। बीते वर्ष हिमाचल प्रदेश में आई भारी बारिश के बाद भूस्लन से हुई तबाही से मंडी जिला की पटड़ी घाट और गैहरा पंचायतों में बीस गरीब परिवारों की जमीन और मकान ध्वस्त हो गए। भरी बरसात में परिवार सहित स्कूल और लोगों के घरों में आश्रय लेना पड़ा था। सरकार के राहत एवं पुनर्वास नियमों और राजस्व अधिकारयिों की रिपोर्ट के चलते ये गरीब और अनुसूचित जाति के लोग सरकार की मदद से वंचित रह गए। मगर ऐसे आड़े वक्त में स्वयंसेवी संस्था सीड्स सस्टेनेबल एन्वायरनमेंट एंड इकोलॉजिकल डेवलपमेंट सोसायटी ने इन गरीब परिवारों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया।
संस्था ने अपनी आश्रय इंडिया लड रिस्पॉन्स पहल के माध्यम से प्रभावितों के लिए राहत कार्यों की शुरुआत की। जिसके चलते सीड्स ने मंडी जिला के सरकाघाट उपमंडल की पटड़ीघाट और गैहरा पंचायतों के 20 ऐसे परिवारों की पहचान भी की जो इस तबाही में अपने घरों को ही नहीं बल्कि आजीविका के साधनों को भी खो चुके हैं। सीड्स ने इस सिलसिले में स्थानीय ग्राम प्रधानों और समुदायों के साथ मिलकर गहन आधार पर सर्वे करने के बाद इन जरूरतमंद परिवारों को चुना है जो समाज के हाशिए पर हैं।
संस्था के सह-संस्थापक डॉ मनु गुप्ता ने बताया कि इन पंचायतों बाढ़ प्रभावित वन भूमि क्षेत्र में बेघरों के लिए अस्थाई आश्रयों के निर्माण की व्यसवस्था करने पर जोरदिया गया। मगर ये अस्थाई आश्रय न सिर्फ स्थानीय लोगों को भीषण सर्दी के प्रकोप से बचाए बल्कि भविष्य में आपदाओं के जोखिमों से निपटने के लिए उपयोगी हों। स्थानीय स्तर पर पंचायतों के साथ परामर्श और जमीनी मूल्यांकन के बाद, सीड्स ने कुछ जरूरी परियोजनाओं की पहचान की ताकि इस प्राकृतिक संकट से निपटा जा सके। अस्थायी शैल्टरों के जरिए लोगों की तात्कालिक जरूरतों को पूरा कर उन्हें सर्दी से सुरक्षा प्रदान की गई और साथ ही, इन गृह-स्वामियों को भी निर्माण संबंधी कौशलों को सीखने के लिए एक लर्निंग प्लेटफार्म उपलब्ध हुआ।
उनका कहना है कि समाज के हाशिए पर गुजर-बसर करने वाले बेहद जरूरतमंद 20 परिवारों को, सर्दी के मौसम के मद्देनज़ार,तत्काल अस्थायी शैल्टर प्रदान किया गया।
प्रभावित पंचातों पटड़ीघाट व गैहरा के प्रधानों विधि चंद और रूपलाल ने बताया कि बीते वर्ष अगस्त महीने में दोनों ही पंचायतों में भारी तबाही हुई है। लोगों के घर, जमीन, खेत-खलियान गौशालाएं बह गई। कई लोगों के सर पर छत भी नहीं रही। वन भूमि में बनें मकानों का मुआवजा आपदा के तहत उन्हें नहीं मिल पाया। जबकि सबसे ज्यादा जरूरतमंद यही लोग थे। ऐसे में कंपनी की ओर से इन गरीब परिवारों कीमददकी गई। उन्होंने बताया कि दोनों पंचायतो के अति गरीब 20 परिवारों को 18 बाई 18 फिट के कमरे उपलब्ध करवाए गए हैं। इन कमरो को बनाने में इंशोलेशन शीट्स का उपयोग किया गया है ताकि इन कमरो के तापमान को एक समान रखा जा सके।
इन परिवारों को मिले हैं कमरे : जिन परिवारों को ये कमरे उपलब्ध करवाए गए हैं। उनमें पटड़ीघाट पंचायत के प्रेमा राम, सुरजन राम , नानक चंद , रोशन लाल , गुलाब सिंह, भूप चंद , रोशन शर्मा , मजनू राम , चंद्रमणी , कला देवी , रूमा देवी , ऋषि केश , टेक चंद वही ग्राम पंचायत गेहरा के गौरी दत्त , हेत राम , अ मी चन्द , पन्नू राम , दत्त राम , मेध सिंह , लीला देवी आदि के परिवार शामिल हैं। इन परिवारों का कहना है कि इस आड़े वक्त कंपनी की ओर से उनकी मदद की गई। अब कम से कम सर छुपाने के लिए उनके पास एक-एक कमरा उपलब्ध है। इस ठिठऱती सर्दी में उनके सर छत तो मौजूद है।
हिन्दुस्थान समाचार/ मुरारी/सुनील