[ad_1]
फरीदाबाद, 19 मार्च (हि.स.)। नायब सरकार में बड़खल विधानसभा क्षेत्र से विधायक सीमा त्रिखा को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शामिल करने पर उनके समर्थकों ने जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया।
मंगलवार को विधायक सीमा त्रिखा को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में सरकार में मंत्री बनने की खबर जैसे ही उनके समर्थकों को मिल, वैसे ही उनके सेक्टर-21ए स्थित निवास पर लाेगों के पहुंचने का तांता लग गया। त्रिखा के समर्थक कार्यकर्ताओं को ढोल नगाड़ों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया।
उल्लेखनीय है कि विधायक सीमा त्रिखा इससे पूर्व मनोहर सरकार में भी मुख्य संसदीय सचिव पद पर आसीन रह चुकी हैं। 31 अगस्त 1968 को जन्मी सीमा त्रिखा ने एमए एलएलबी की शिक्षा हासिल की है। उनके पति अश्वनी त्रिखा पेशे से वकील हैं, जबकि उनके परिवार में एक पुत्री है, जिसका नाम दिशा मल्होत्रा है। सीमा त्रिखा एक शिक्षक रही हैं। उन्होंने राजनीति में आने से पहले सेक्टर-9 स्थित सेंट एंथोनी स्कूल व एनएच पांच स्थित सेंट जोसफ स्कूल में एक अध्यापिका रहीं। वह वर्ष 2005 में फरीदाबाद नगर निगम की पार्षद चुनी गईं। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं। उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें जिला महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया। उसके बाद भाजपा में फरीदाबाद की जिला महामंत्री रहीं। वर्ष 2014 में उन्हें भाजपा ने बड़खल विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता चौ. महेन्द्र प्रताप सिंह को पराजित कर हरियाणा विधानसभा में कदम रखा। फिर उन्हें सरकार में मुख्य संसदीय सचिव का दायित्व मिला। वर्ष 2019 में उन्हें तीसरी बार भाजपा ने बड़खल विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और महेन्द्र प्रताप के पुत्र विजय प्रताप सिंह को पराजित कर दूसरी बार विधायक बनीं। इसके अलावा विधानसभा की विभिन्न कमेटियों में चेयरमैन के अलावा विभिन्न पदों पर रही।
हिन्दुस्थान समाचार/मनोज/सुमन/सुनील