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धर्मशाला, 20 जनवरी (हि.स.)। राम मंदिर को बनाने की आखिरी और सफल कोशिश को लेकर पालमपुर में ही रणनीति तैयार हुई थी। इसी कोशिश का प्रतिफल है कि 22 जनवरी को अयोध्या में करीब 500 वर्षों बाद श्री राम लला अपनी जगह पर बिराजमान हो रहे हैं।
शनिवार को पालमपुर के रोटरी भवन के उसी कमरे में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पालमपुर में हुई इस बैठक के गवाह रहे शांता कुमार ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में होने जा रहे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की सारी रूपरेखा पालमपुर के रोटरी भवन के इसी कमरे में तैयार हुई थी। हिमाचल के एक छोटे से कस्बे में राम मंदिर बनाने का संकल्प लेना उस समय सभी को हैरान करने वाला और प्रसन्न करने वाला था।
उन्होंने कहा कि बैठक हुई और उसमें राम मंदिर को लेकर संकल्प लिया गया। आज समय आ गया है कि प्रभु श्रीराम 22 जनवरी को अयोध्या में बन रहे भव्य मंदिर में विधिवत रूप से विराजमान होने जा रहे हैं। यह दृश्य उन सभी राम भक्तों सहित उन भाजपा नेताओं के लिए एक सुकून के पल होंगे जिन्होंने इस नेक कार्य मे अपना योगदान दिया है। उन्होंने सभी देशवासियों सहित प्रधानमंत्री मोदी को भी बधाई दी है।
हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/सुनील/प्रभात