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नई दिल्ली, 15 जनवरी (हि.स.)। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बीते एक साल में 12,099 अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ 12.48 करोड़ रुपये की चोरी की गई रेलवे की संपत्ति बरामद की।
रेल मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में बताया कि ऑपरेशन रेल सुरक्षा के तहत, रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिए शासनादेश के अनुसार आरपीएफ ने रेलवे संपत्ति से जुड़े अपराध के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। वर्ष 2023 के दौरान आरपीएफ ने रेलवे संपत्ति की चोरी के 6,312 मामले दर्ज किए। इन मामलों में 12,099 अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ 12.48 करोड़ की चोरी की गई रेलवे संपत्ति की बरामदगी की गई।
रेल टिकटों की दलाली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरपीएफ ने एक विशेष ऑपरेशन के तहत 5544 दलालों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ 5207 मामले दर्ज किए गए। इसमें आरक्षित टिकटों पर अवैध तरीकों का इस्तेमाल करने वाले आईआरसीटीसी के 990 से अधिक अधिकृत एजेंट शामिल थे।
ऑपरेशन नन्हे फ़रिस्ते के तहत इस वर्ष अपने परिवार से बिछड़ गए 11,794 बच्चों को आरपीएफ कर्मियों द्वारा बचाया गया। मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरपीएफ ने बीते वर्ष के दौरान 257 तस्करों की गिरफ्तारी के साथ 1048 लोगों को तस्करों के चंगुल से बचाया। आरपीएफ ने आरपीएफ और रेलवे कर्मियों की क्षमता निर्माण, छापे, बचाव और मानव तस्करी पर जानकारी साझा करने के लिए 06 मई 2022 को एसोसिएशन ऑफ वॉलंटरी एक्शन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एसोसिएशन ऑफ वॉलंटरी एक्शन नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की संस्था है।
मिशन जीवनरक्षा के तहत जिनमें यात्री जल्दबाजी में चलती ट्रेन में चढ़ने व उतरने की कोशिश करते हैं, फिसल जाते हैं और ट्रेन के पहिये के नीचे आने का जोखिम उठाते हैं। इस ऑपरेशन के तहत आरपीएफ के जवान अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाने की कोशिश करते हैं। वर्ष के दौरान आरपीएफ कर्मियों ने 3719 बहुमूल्य जीवन बचाए।
कई यात्री ट्रेन में चढ़ने या ट्रेन व स्टेशन छोड़ने की जल्दी में अपना सारा सामान ले जाना भूल जाते हैं। इसके लिए ऑपरेशन अमानत के तहत आरपीएफ कर्मी ऐसे सामानों को सुरक्षित रखने और उन्हें सही मालिक तक पहुंचाने में मदद करते हैं। इस ऑपरेशन के तहत आरपीएफ ने 54.43 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का लगभग 39091 सामान बरामद किया। आरपीएफ ऑपरेशन मातृशक्ति के तहत ट्रेन में यात्रा के दौरान गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर मदद में भी सक्रिय रहती है। वर्ष के दौरान आरपीएफ की महिला कर्मियों ने 206 ऐसे बच्चों के जन्म में सहायता की।
आरपीएफ यात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षित यात्रा पर विशेष ध्यान देता है। आरपीएफ सुरक्षा और अन्य शिकायतों को प्राप्त करने और हल करने के लिए टोल फ्री नंबर 139 (आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली नंबर 112 के साथ एकीकृत) और अन्य सोशल मीडिया मंचों यानी ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, कू इत्यादि के माध्यम से कॉल पर 24 घंटे उपलब्ध है। वर्ष के दौरान आरपीएफ ने यात्रा के दौरान वास्तविक समय सुरक्षा संबंधी सहायता की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की 2 लाख से अधिक कॉलों पर ध्यान दिया।
हिन्दुस्थान समाचार/सुशील/पवन
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