[ad_1]

चित्रकूट,16 जनवरी (हि.स.)। श्रीराम चरण पादुका रथ यात्रा भरतकूप से चलकर खोही तिराहा,मुख्यालय कर्वी होते हुए मंगलवार को रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर पहुंची।
इससे पूर्व यात्रा की शुरूआत बांदा-चित्रकूट सांसद आर के सिंह पटेल, मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी, डीआईजी अजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी अभिषेक आनन्द व पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह,भाजपा जिलाध्यक्ष लवकुश चतुर्वेदी, कोआपरेटिव बैंक अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष नरेन्द्र गुप्ता समेत कई भाजपा नेताओं ने भरतकूप व मन्दाकिनी नदी के जल से पादुका का पूजन कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
विश्व प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ चित्रकूट में श्रीराम चरण पादुका यात्रा को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा गया। लोगों ने जगह—जगह जय श्रीराम के जयकारे लगा चरण पादुका पर पुष्प वर्षा की। चरण पादुका रथ भरतकूप से चलकर खोही तिराहा होते हुए बरहा हनुमान मन्दिर होते हुए पयर्टक तिराहा से राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर और फिर मंगलवार को जिला मुख्यालय कर्वी होते हुए तुलसी तीर्थ राजापुर पहुंची। चरण पादुका रथ यात्रा गाजे-बाजे के साथ वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ बाबा सत्यनारायण मौर्य की अगुवाई में शुरु हुई।
इस मौके पर सांसद आर के सिंह पटेल ने कहा कि भगवान श्री राम के चरण पादुका का महत्व इसलिए बढ़ जाता है कि जब वो अपने वनवास काल में से साढ़े 11 वर्ष चित्रकूट में थे, तब उनके अनुज भरत यहां पहुंच कर श्रीराम को अयोध्या वापस लौट चलने के लिये मना रहे थे, लेकिन प्रभु राम ने अपने भाई के साथ अयोध्या चलने से मना कर दिया। सभी प्रयत्न विफल होने के बाद अंत में भरत ने अपने बड़े भाई श्रीराम से कहा कि आप अपने चरण पादुका दे दीजिए, ताकि अयोध्या में राजपाट चल सके। क्योंकि राजा दशरथ के स्वर्गवास होने के बाद राज्य चलाने की जिम्मेदारी बड़े भ्राता राम को निभानी थी। भरत श्रीराम के सिवा किसी को अयोध्या का राजा बनता नहीं देखना चाहते थे। भरत ने भगवान राम के चरण पादुका चित्रकूट से अयोध्या ले जाकर उसका विधिवत पूजा-पाठ किया था, इसीलिए चित्रकूट के पावन धरती से प्रभु राम की चरण पादुका आज अयोध्या के लिए प्रस्थान हुई है।
सांसद ने कहा कि भारत वासियों के लिए बडे गौरव और सम्मान की बात है कि हम सब जन्मभूमि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर में प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा होते अपने आंखों से देखने जा रहे हैं।
वहीं गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मस्थली राजापुर में प्रस्तावित श्रीराम चरणपादुका पदयात्रा तुलसी स्मारक के प्रांगण में पहुंचने के पहले नगरवासियों के द्वारा पुष्पवर्षा,माल्यापर्ण एवं तुलसीदास जी की पूजा अर्चना की गई। तथा नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव मिश्रा के द्वारा बड़े श्रद्धा भाव के साथ चरणपादुका सिर पर रखकर तुलसी प्रांगण में पदयात्रा की।
इस मौके पर श्रीराम चरणपादुका यात्रा में आचार्य श्रीराम शर्मा,भरत मन्दिर के महन्त दिव्य जीवनदास,महन्त सत्यनारायण उर्फ सत्या बाबा आदि साधु सन्तों के अलावा उपजिलाधिकारी प्रमोद झा, क्षेत्राधिकारी निष्ठा उपाध्याय समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा इस्कॉन चित्रकूट में अयोध्या राम मंदिर में स्थापित होने वाली 8 किलो चांदी एवं सोने से बनी श्री राम चरण पादुका के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। इस्कॉन चित्रकूट में अध्यक्ष अनंतबलदेव अरविंद प्रभु ने बताया कि यह बड़े हर्ष और गौरव का विषय है कि भगवान कामतानाथ की कृपा एवं इस्कॉन के संस्थापकाचार्य जगद्गुरु स्वामी श्रील प्रभुपाद जी के आशीर्वाद से इस्कॉन चित्रकूट में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में स्थापित होने वाली चरण पादुका के दोबारा दर्शन और पूजन का सुअवसर श्रद्धालुओं को मिल रहा है।
चित्रकूटधाम कर्वी नगर पालिका की पूर्व सभासद एवं कायस्थ महासभा की जिलाध्यक्ष सीमा निगम एवं समाजसेवी मुनेश निगम,गया प्रसाद द्विवेदी आदि सैकड़ों इस्कॉन चित्रकूट के सदस्यों ने चरण पादुका का पूजन किया।
हिन्दुस्थान समाचार/रतन/राजेश