[ad_1]

नई दिल्ली , 21 फ़रवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2019 पूर्णिया हथियार और गोला-बारूद अवरोधन और बरामदगी मामले में आठवें आरोपित भीखन गंझू उर्फ भीखन गंजू उर्फ दीपक कुमार के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। यह झारखंड के चतरा जिले का रहनेवाला है।
पटना की एक विशेष अदालत के समक्ष मंगलवार को दायर अपने पूरक आरोप पत्र में एजेंसी ने आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। एनआईए ने इस मामले में अब तक नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
एनआईए की जांच से पता चला है कि भीखन गंझू तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) का जोनल कमांडर है, जिसे झारखंड सरकार ने आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1908 की धारा 16 के तहत आतंकवादी गिरोह घोषित किया है। भीखन गंझू झारखंड में टीपीसी की पकड़ मजबूत करने, आतंक और हिंसा फैलाने के लिए अपने सह-अभियुक्तों से हथियार और गोला-बारूद खरीद रहा था।
बिहार पुलिस ने शुरुआत में 7 फरवरी, 2019 को म्यांमार सीमा पार से तस्करी किए जा रहे अत्यधिक परिष्कृत अवैध हथियारों की एक खेप को पकड़ने के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की थी। इस खेप में अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर और बड़ी संख्या में 5.56 x 45 मिमी गोला-बारूद शामिल था। यह खेप देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमलों को अंजाम देने माओवादियों और संगठित आपराधिक सिंडिकेट के सदस्यों को आपूर्ति के लिए थी।
मामला मूल रूप से आरोपित सूरज, वीआर कहोरंगम (वेरेंगनो कहोरंगम), क्लीयरसन काबो, मुकेश सिंह, संतोष और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। बाद में इसे 28 फरवरी, 2019 को एनआईए द्वारा अपने अधीन ले लिया गया और फिर से पंजीकृत किया गया। एनआईए द्वारा इससे पहले अगस्त 2019, नवंबर 2019 और मार्च 2020 में आरोप पत्र दायर किए गए थे।
हिन्दुस्थान समाचार/ बिरंचि सिंह/दधिबल