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– अगस्त, 2023 में मंडला क्षेत्र में पकड़ाए थे चार नक्सली
भोपाल, 17 फरवरी (हि.स.)। मध्यप्रदेश के मंडला क्षेत्र में गत वर्ष अगस्त माह में एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड(एटीएस) द्वारा नक्सलियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए चार नक्सलियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री, हथियार और नकदी बरामद की गई थी। इस संबंध में थाना एटीएस-एसटीएफ भोपाल में अपराध पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण में अनुसंधान के दौरान 16 फरवरी 2024 को आरोपितों के विरुद्ध प्रतिबंधित संगठन का सदस्य होने, पहचान छिपाने, साक्ष्य नष्ट करने, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसका उपयोग करने एवं पिस्टल मय कारतूस के बरामद होने पर विशेष न्यायालय जबलपुर में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। यह जानकारी शनिवार को जनसम्पर्क अधिकारी आशीष शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि गतवर्ष मंडला क्षेत्र में नक्सलियों के वरिष्ठ कैडर के आने की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए पतारसी प्रारंभ की गई। इसी दौरान 21 अगस्त 2023 को विश्वस्त मुखबिर से नक्सलियों के जबलपुर आने के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर एटीएस ने तत्परतापूर्वक कार्यवाही की। इस दौरान फरार नक्सली अशोक रेड्डी उर्फ बलदेव निवासी गोलकुंडा तेलंगाना एवं उसकी पत्नी रैमती उर्फ कुमारी पोटाई निवासी जिला नारायणपुर, छत्तीसगढ़ को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से एक पिस्टल, तीन लाख रुपये से अधिक नकदी एवं प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) का साहित्य बरामद किया गया। इस संबंध में थाना एटीएस/एसटीएफ भोपाल में भादंवि की धारा 419 व 20 यूए (पी) एक्ट, 1967 और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इस प्रकार मध्यप्रदेश एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने नक्सलियों द्वारा प्रदेश के अर्बन क्षेत्र में ठिकाने बनाने की योजना का पर्दाफाश किया गया।
अनुसंधान के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर नक्सली सहयोगी धनसिंह पुंगाटी एवं छेरकूराम तुलावी को भी गिरफ्तार कर प्रकरण में धारा 201, 467, 468, 471 भादंवि एवं धारा 19 यूए (पी) एक्ट, 1967 का इजाफा किया गया।
प्रकरण की विवेचना के दौरान प्रकाश में आए मुख्य बिन्दु
– आरोपियों द्वारा जबलपुर में रहकर अपने संगठन का विस्तार कर सदस्यों की संख्या बढ़ाने की योजना थी। आरोपी अशोक रेड्डी द्वारा मनुराम नेताम नामक मृत व्यक्ति के आधार कार्ड में अपनी फोटो एडिट कर पहचान छिपाने का प्रयास किया। नक्सलियों द्वारा जन संगठन के माध्यम से सत्ता हथियाने के लिए पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी को समय-समय पर मिलिट्री ट्रेनिंग देकर तथा अपने आधिपत्य वाले क्षेत्रों में आतंक फैलाने एवं इनकी विचारधारा का विरोध करने वाले लोगों को पुलिस मुखबिर का नाम देकर, पुलिस बल के लोगों का अपहरण कर उनकी नृशंस हत्या कर दी जाती है। जिससे लोग इनसे जुड़ने को मजबूर हो जाते हैं।
आरोपी अशोक रेड्डी द्वारा अपने वाट्सएप से सबूत मिटाने के उद्देश्य से नक्सली पर्चे को डिलीट कर दिया गया था। आरोपियों से जब्त नक्सली साहित्य से इनके राष्ट्रविरोधी खतरनाक मंसूबों की जानकारी प्राप्त हुई। आरोपी नक्सलियों द्वारा अपने क्षेत्र के सरपंचों के माध्यम से जनता से चंदा वसूलकर पैसा एकत्र किया जाता था।
82 लाख का इनामी है आरोपी
अशोक रेड्डी प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य है और उसकी पत्नी रैमती उर्फ कुमारी पोटाई, एरिया कमेटी मेंबर उत्तर बस्तर क्षेत्र में पार्टी के लिए प्रेस का कार्य जैसे कि माओवादी साहित्य, पर्चे, प्रेस विज्ञप्ति, बैनर, पोस्टर आदि छपवाने का काम संभालती थी। आरोपी अशोक रेड्डी के विरुद्ध तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, बलवा, पुलिस पर हमला, अपहरण और आगजनी सहित विस्फोटक अधिनियम, आर्म्स एक्ट एवं यूए (पी) एक्ट से संबंधित 60 से अधिक गंभीर अपराध पंजीबद्ध हैं। सीपीआई (माओवादी) की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य होने के कारण तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश में कुल मिलाकर 82 लाख रुपये का इनाम घोषित है। आरोपी अशोक रेड्डी का मुख्य कार्य क्षेत्र तेलंगाना एवं छत्तीसगढ़ राज्य रहा है, किंतु इसकी मध्यप्रदेश के अर्बन क्षेत्र में नक्सल कैडर एवं नेटवर्क को मजबूत करने की योजना थी।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश