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– संस्थानों में ज्ञान एवं संसाधनों के परस्पर आदान-प्रदान की हो प्रभावी कार्ययोजना: श्री परमार
एसवी पॉलिटेक्निक कॉलेज में तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रम को लेकर हुई संगोष्ठी
भोपाल, 21 फरवरी (हि.स.)। प्रदेश की तकनीकी शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संकल्प अनुरूप एवं समाज की अपेक्षानुकुल समाधानमूलक एवं रोजगारपरक हो। भारतीय ज्ञान परम्परा के समावेश के साथ तकनीकी शिक्षा को अत्याधुनिक और रोजगारमूलक बनाया जाए। प्रदेश एवं देश के प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थानों में ज्ञान एवं संसाधनों के परस्पर आदान-प्रदान की प्रभावी कार्ययोजना बनाएं, ताकि प्रदेश के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट संस्थानों में अध्ययन का लाभ मिले।
यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, भोपाल में तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आलोक में आवश्यक परिवर्तन कर रोजगार क्षमता सुनिश्चित करने हेतु आयोजित संगोष्ठी में कही। उन्होंने कहा कि मातृभाषा में अध्ययन-अध्यापन के साथ, आवश्यकता अनुरूप विद्यार्थियों को अन्य भाषाओं में दक्ष बनाने के लिए भी प्रयास किए जाएं।
मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश के मालवांचल, मध्यभारत, चंबल एवं महाकौशल, विंध्य आदि समस्त अंचलों में स्थापित उद्योगों की आवश्यकता अनुरूप स्थानीय तकनीकी शिक्षण संस्थान, अपने पाठ्यक्रमों में व्यापक परिवर्तन करें ताकि विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार प्राप्त हो सके। स्किल्ड भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में प्रदेश की तकनीकी शिक्षा में प्रभावी परिवर्तन हो। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में रोजगारमूलक तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रम के निर्माण के लिए समग्र विचार मंथन करने की बात कही।
संगोष्ठी में मैनिट (एमएएनआईटी) भोपाल के निदेशक प्रो. केके शुक्ला, आरजीपीवी के कुलपति डॉ सुनील गुप्ता एवं आईआईआईटी भोपाल के निदेशक प्रो. आशुतोष सिंह सहित प्रदेश के विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय तकनीकी शिक्षण संस्थान के अधिकारीगण उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश