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जबलपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। आचार्य श्री विद्यासागर द्वारा विगत दिवस ली गई समाधि से संस्कारधानी में जैन समाज में शोक की लहर है। सभी मंदिरों में बिनयांजलि कार्यक्रम रखने के साथ उनके लिए दीप प्रज्वलन किए गए, क्योंकि आचार्य श्री का संस्कारधानी से ज्यादा लगाव था इसलिए जैन समाज के लोग शोकाकुल हैं। इस शोक के चलते लगभग 200 लोगों से अधिक लोगों ने उनके लिए अपने केश दान कर सामूहिक मुंडन संस्कार करवाया। लोगों का कहना है कि गुरु पिता तुल्य होता है, जैसे पिता के जाने के बाद केश दान किए जाते हैं, वैसे ही गुरु के जाने के बाद अपने केश दान कर रहे हैं।
दिगंबर जैन पंचायत सभा के अनिल जैन के अनुसार आचार्य श्री विद्यासागर महाराज सर्वाधिक मुनि दीक्षा देने वाले संत है, उनके साधकों में मध्य प्रदेश के सागर से 25 एवं जबलपुर से 17 साधक आचार्यश्री से दीक्षित हो चुके हैं। जैन समाज के द्वारा आचार्य श्री के समधिय्स्थ होने के बाद सभी मंदिरों में उनके लिए प्रार्थना सभाएं रखी गई हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/ विलोक पाठक/नेहा