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कठुआ 14 जनवरी (हि.स.)। जिले भर में मकर संक्रांति का पर्व धार्मिक उल्लास व श्रद्धा के साथ मनाया गया। दिन भर लोग मकर संक्राति की धार्मिक महत्ता के चलते धार्मिक कार्यों में व्यस्त रहे।
सुबह से मंदिरों में लोग परिवार सहित पूजा अर्चना में जुट गए। मंदिरों में पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं की दोपहर तक लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। भारतीय संस्कृति में मकर संक्रांति को नए साल के रूप में भी मनाया जाता है। इसके चलते आस्था रखने वालों ने नव वर्ष की शुरुआत भगवान के द्वार में माथा टेक कर की। इसके अलावा पवित्र बावलियों में स्नान आदि कर पुण्य कमाया। ऐरमा स्थित पवित्र बावली में मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने स्नान किया। कठुआ के गोविंदसर में स्थित नरसिंह भगवान मंदिर में श्रद्धालुओं ने माथा टेका। इसके साथ ही श्री अखंड परमधाम नौनाथ में भी मकर संक्रांति पर विशेष सत्संग हुआ। अर्थात इसी समय सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रविष्ट होने से मकर यानि माघ महीने की संक्राति शुरू हो जाती है। शास्त्रों के अनुसार माघ महीने को धार्मिक माह भी कहा गया है। जब सूर्य मकर राशि में चले जाते हैं तब सब लोग तीर्थ राज प्रयाग को आते हैं, तीर्थ क्या है जहां सत्य का संग हो, वहीं तीर्थ है। वहीं कठुआ के महाकलेशवर मंदिर के पंड़ित अशोक शर्मा वे बताया कि मकर संक्रांति में इस माह में स्नान का सबसे बड़ा महत्व है। जो व्यक्ति माह में पूरे दिन नियमित रूप से सूर्य उदय होने से पहले स्नान करता है। उसे भगवान का आशीर्वाद मिलता है और वो पुण्य का भागीदार बन जाता है। माघ माह में नियमित स्नान को दान और पूजा से भी बड़ा माना गया है।
हिन्दुस्थान/समाचार/सचिन//बलवान
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