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-मकर संक्रांति पर सिद्धपीठ बाबा स्थान पर हुआ खिचड़ी भोज का आयोजन
हरिद्वार, 15 जनवरी (हि.स.)। निरंजनी अखाड़े के स्वामी आलोक गिरी महाराज ने कहा कि यूँ ही नहीं खिचड़ी को राष्ट्रीय व्यंजन स्वीकार किया जाता है। खिचड़ी का अर्थ होता है, सबसे मिलकर बना यानि एकता या संगठन का भाव वाला व्यंजन है। मकर संक्रांति के अवसर पर भारत के लगभग सभी घरों में खिचड़ी बनाने की परंपरा है। खिचड़ी का अर्थ होता है सबका घुल-मिल जाना या एक हो जाना।
मकर संक्रांति के अवसर पर सिद्धपीठ बाबा स्थान, राजा गार्डन, जगजीतपुर का पीठाधीश्वर नियुक्त होने के उपरांत बाबा आलोक गिरी महाराज के सानिध्य में स्थानीय भक्तों एवं आरएसएस कार्यकर्ताओं की ओर खिचड़ी भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्वांचल उत्थान संस्था की ओर से महासचिव बीएन राय ने बुके भेंट कर स्वामी आलोक गिरी महाराज का स्वागत किया।
इस मौके पर आलोक गिरी महाराज ने कहा कि खिचड़ी में सब्जी, दाल, चावल, मसाले आदि भोजन के अलग-अलग अवयव रूप एक होकर अनूठा स्वाद प्रकट करते हैं। ठीक वैसे ही हम अलग अलग वेश भूषा, खान-पान, रंग-संस्कृति युक्त भारतीय भी एक दूसरे के साथ मिलकर सनातन खिचड़ी बन जाते हैं, एक होकर सिर्फ और सिर्फ सनातनी भारतीय कहलाते हैं। उन्होंने कहा कि विधि के लिए तो आप जैसे चाहें सबको मिलाकर जैसे चाहें पका दें, बनेगी खिचड़ी ही। जैसे विश्व में एकमात्र भाषा संस्कृत है, जिसके शब्दाें को कहीं भी किसी भी क्रम में रख दें वाक्य का अर्थ नहीं बदलता ऐसे ही हमारी खिचड़ी भी है, जैसे चाहें पका लें, कोई भी चीज आगे पीछे हो जाये तो भी न नाम बदलेगा न गुण और न ही स्वाद में कमी आयेगी और एक खास बात बताऊं अगर इसे बिना तेल, घी के भी बनायेंगे तो भी स्वाद में कोई खास गिरावट नहीं आयेगी।
स्वामी आलोक गिरी महाराज ने कहा कि मकर संक्रांति पर। संक्रान्ति का अर्थ है सम्यक दिशा में क्रांति जो सामाजिक जीवन का उन्नयन करने वाली तथा मंगलकारी हो। कहाकि आज ही के दिन भीष्म पितामह ने धरती पर देह त्याग कर महाप्रयाण किया था। सिद्धबलि हनुमान नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भी खिचड़ी प्रसाद वितरण किया गया।
इस मौके पर स्वामी मधुरवन, रणबीर राणा (यमूनोत्री) ठाकुर मंगलराम चौहान, विशाल शर्मा, अंकुर बिष्ट, मनकामेश्वर गिरी, संतोष शर्मा, भावना शर्मा, गायत्री देवी, रीना तोमर, बीना उनियाल, दीपा त्यागी, मुक्ति चड्ढा, पं विनय, आचार्य शिवनारायण शर्मा सहित अन्य भक्तजन मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/ रजनीकांत/रामानुज
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