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धर्मशाला, 14 फरवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड द्वारा सूचना प्रबंधन की बढ़ती हुई आवश्यकता और उपयोग के मध्यनजर एवं नियामक आयोग के निर्देशानुसार और बोर्ड द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं के हित में चलाई जा रही योजनाओं और अन्य विद्युत आपूर्ति सम्बन्धी जानकारी प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को कांगड़ा जिला के विद्युत मंडल शाहपुर के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कल्याड़ में पब्लिक इंट्रेक्शन कार्यक्रम के तहत जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अध्यापकों तथा विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बोर्ड के कंसलटैंट (पी.आर) अनुराग पराशर ने ईज आफ डुईंग बिजनेस, विद्युत सुरक्षा बचाव, सौर ऊर्जा एवं हरित वाहन चलन जैसे गम्भीर मुद्दों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को सही सूचना देना सभी विभागों के कर्मचारियों का कर्तव्य है और बोर्ड के कर्मचारी अपने कर्तव्य का निर्वहन बहुत अच्छे से कर रहे हैं। उन्हांेनेेे कहा कि प्रमाणित विद्युत उपकरणों को ही बाजार से खरीद कर प्रयोग में लाना चाहिए। आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में तथा बरसात के मौसम में पेड़ और बिजली के खंभों के पास नहीं जाना चाहिए। आम तौर पर ग्रामीण इलाकों में लोग अपने पालतू जानवरों को घरों के नजदीक बिजली के खम्बों में बांध देते हैं जो कि एक लापरवाही का कारण है और कभी भी दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ सकता
उन्होंने कहा कि विद्युत शिकायतों के लिए बिजली बोर्ड के टोल फ्री नम्बर 1800-180-8060 या 1912 स्थापित किया गया है, जिसमे विद्युत से सम्बन्धित शिकायतें की जा सकती है। उन्होंने शारीरिक रूप से विकलांग तथा वरिष्ठ नागरिकों को उप-मंडल तथा मंडलों पर दी जाने वाली प्राथमिकताओं के बारे में भी अवगत करवाया। उन्होंने बैठक के दौरान उपभोक्ताओं को बिजली के अनाधिकृत प्रयोग और चोरी पर विभिन्न प्रकार की सजाओं के प्रावधान के बारे में भी जानकारी दी। बिजली चोरी के लिए क्षतिपूर्ति राशि के साथ जेल की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पब्लिक इंटरैक्शन कार्यक्रम के तहत अधिकारियों तथा कर्मचारियों के लिए जागरूकता बैठकों का आयोजन विद्युत मंडल शाहपुर, ज्वाली, फतेहपुर तथा विद्युत मंडल इन्दौरा में भी किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/सुनील