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इंदौर, 18 जनवरी (हि.स.)। कोरोना के बाद से भी युवाओं में हृदय से संबंधित समस्या बढ़ने लगी है। इंदौर में दो दिन में हार्टअटैक के दो चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। इनमें कोचिंग पढ़ने पहुंचे एक 18 साल के छात्र और बस चला रहे एक चालक की मौत हो गई।
पहली घटना भंवरकुआं थाना क्षेत्र की है। यहां एक 18 साल के छात्र को पढ़ते समय हार्टअटैक आया और उसने दोस्तों के सामने ही दम तोड़ दिया। छात्र इंदौर में किराए का कमरा लेकर पढ़ाई कर रहा था वह सागर का रहने वाला था। छात्र का नाम राजा लोधी है। उसके पिता पीएचई में इंजीनियर हैं और बड़ा भाई मोबाइल का बिजनेस करता है। राजा अधिकारी बनना चाहता था।
भंवरकुआ पुलिस ने बताया कि छात्र यहां पर पीएससी की तैयारी कर रहा था। वह सागर के एक कालेज से बीए फाइनल ईयर की पढ़ाई भी कर रहा था। बुधवार दोपहर वह कोचिंग आया तब ठीक था लेकिन पढ़ाई करते समय उसकी तबियत बिगड़ गई। दोस्त उसे तुरंत पास के अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसे इमरजेंसी में एडमिट किया और उपचार शुरू कर दिया। उसे ईसीयू में रखा गया लेकिन बुधवार शाम को उसने दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्र का परिवार अस्पताल पहुंचा। परिवार के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि कोचिंग संस्थान ने उन्हें पूरे सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करा रहा है। छात्र के परिवार में एक बड़ा भाई है जो मोबाइल का बिजनेस करता है। यह सभी कोचिंग भी पहुंचे और कोचिंग के संचालकों से बात की। छात्र के पिता पीएचई डिपार्टमेंट में है। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है।
वहीं, दूसरी घटना दुरुवार दोपहर की है। कसेरा बाजार स्कूल के बस चालक को उस समय दिल का दौरा पड़ा, जब वह स्कूली बच्चों से भरी बस चला रहा था। जैसे ही उसे सीने में दर्द हुआ तो चालक ने बस रोक दी और बस को हादसे से बचा लिया, लेकिन ड्रायवर की खुद की जान नहीं बच पाई। हार्टअटैक ने चालक की जान ले ली।
जानकारी के अनुसार, गुमाश्ता नगर केसरा बाजार का बस चालक द्वारका प्रसाद दोपहर एक बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद स्कूली बच्चों को अलग-अलग स्टाप पर छोड़ने के लिए निकला था। स्कूल से निकलने के आधे घंटे के बीच उसने कुछ स्टाप पर बच्चों को उतारा। सड़क पर चल रही बस के दौरान चालक के दिल में अचानक तेज दर्द होने लगा और पसीना आने लगा। इसके बाद चालक द्वारका प्रसाद ने बस सड़क पर रोक दी।
इसके बाद वह स्टेयरिंग की तरफ झुक गया। बस क्लीनर ने ड्रायवर को इस हालत में देखा तो स्कूल प्रबंधन को सूचना दी। कुछ देर बाद चालक को अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की वजह दिल का दौर पड़ना बताया गया। कुछ देर बाद दूसरी स्कूल बस से बच्चों को छोड़ा गया। परिजनों ने बताया कि पहले कभी द्वारका प्रसाद को दिल से जुड़ी तकलीफ नहीं हुई। अचानक दिल का दौरा पड़ने से हुई द्वारका की मौत से परिजन भी सदमे में है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश