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हमीरपुर, 03 फरवरी (हि. स.)। विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो हमीरपुर की टीम ने हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम के इंचार्ज और हेेल्पर को पांच हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि निगम के गोदाम का इंचार्ज एक ठेकेदार से सब्सिडी पर मिलने वाले सीमेंट की सप्लाई रिलीज करने की एवज में पांच हजार रुपए की मांग कर रहा था। ठेकेदार ने इस मामले की शिकायत विजिलेंस से की थी।
विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को जाल बिछाया था जिसमें ये दोनों आरोपी ट्रैप हो गए। आरोपियों की पहचान जेओएआईटी नीलकमल निवासी मंडी और हेल्पर देवेश ब शीश हमीरपुर के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार हमीरपुर के एक ठेकेदार ने सरकारी काम के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के डिपो पक्का भरो से 60 बोरी सीमेंट की डिमांड थी। बताते हैं कि ठेकेदार ने इन बोरियों की पेमेंट भी कर दी थी लेकिन उसके बावजूद उसे सप्लाई नहीं दी जा रही थी क्योंकि वहां उससे इसके एवज में पांच हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत विजिलेंस से की थी क्योंकि उसका काम प्रभावित हो रहा था। शुक्रवार को विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया हुआ था। इसके तहत ठेकेदार ने गोदाम के इंजार्च को पैसे लेने के लिए एकांत में बुलाया था लेकिन इंचार्ज खुद न आकर उसने अपने हेल्पर को पैसे लेने के लिए भेजा था। बताते हैं कि जैसे ही हेल्पर ने 5 हजार रुपए हाथ में पकड़े तो घात लगाकर बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे पैसे लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। हेल्पर ने बताया कि उसे पैसे लेने के लिए नीलकमल ने भेजा था। विजिलेंस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया।
एएसपी विजिलेंस रेणु शर्मा ने बताया कि विजिलेंस के पास ठेकेदार ने शिकायत की थी कि राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम से सब्सिडाइज्ड सीमेंट के लिए उससे पैसों की डिमांड की जा रही थी। हमारी टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकडऩे के लिए जाल बिछाया था जिसमें वह फंस गया। दो आरोपियों को इस मामले में अरेस्ट किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार/विशाल
/सुनील